संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत नागरिक अस्पताल कलायत एवं उपमंडल के सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों में लिंगानुपात सुधारने को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके तहत रैलियां निकालकर बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और शिक्षा का संदेश दिया गया।
कार्यक्रमों के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारियों ने बिगड़ते लिंगानुपात को सुधारने में समाज की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उप मंडल नागरिक अस्पताल कलायत में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एकजुट होकर बेटियों के संरक्षण एवं सशक्तीकरण का संदेश दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता स्वास्थ्य निरीक्षक सुरेश कुमार ने कहा कि जिस समाज में बेटियों को सम्मान मिलता है, वही समाज वास्तविक अर्थों में प्रगति करता है। बेटी केवल परिवार की पहचान नहीं, बल्कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह बेटियों को समान अवसर, बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में अपनी भूमिका निभाए।
अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता रैलियां भी निकाली गईं। रैलियों के दौरान ‘बेटी है तो कल है’, ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ और ‘बेटियों का सम्मान, देश का अभिमान’ जैसे नारों से क्षेत्र गूंज उठा। इस दौरान एलएचवी देवी रानी एवं संतोष, एमपीएचडब्ल्यू फीमेल राजीव और मुकेश, एसटीएस नरेश, फार्मेसी ऑफिसर राहुल सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने, बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने तथा समाज में समान अधिकार सुनिश्चित करने का संदेश दिया।