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Kaithal News: किसानों ने सरकार और ट्रंप के पुतले फूंके, किया प्रदर्शन

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छोटू राम चौक के पास नारेबाजी करते हुए भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के सदस्य। संवाद
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कैथल। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के विरोध में वीरवार को कैथल में किसान संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) ने तितरम मोड़ पर विरोध जताया, जबकि भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के कार्यकर्ताओं ने छोटूराम चौक के निकट सड़क पर बैठक कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पुतले फूंककर रोष प्रकट किया।
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प्रदर्शन के बाद किसानों ने एसडीएम कैथल संजय कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि कृषि, डेयरी और पोल्ट्री क्षेत्र को किसी भी व्यापार समझौते से बाहर रखा जाए। किसान नेताओं ने कहा कि भारत की अधिकांश आबादी कृषि और उससे जुड़े व्यवसायों पर निर्भर है, जबकि अमेरिका की कृषि व्यवस्था बड़े कॉर्पोरेट घरानों, अत्यधिक मशीनीकरण और सरकारी सब्सिडी पर आधारित है।
ऐसे में दोनों देशों के कृषि उत्पादों के बीच खुली प्रतिस्पर्धा भारतीय किसानों के हितों के लिए घातक साबित हो सकती है। भाकियू एकता सिद्धूपुर के कन्वीनर होशियार गिल प्योदा, दिलावर, दिलबाग सिंह, महावीर, देवेंद्र और तरसेम ने कहा कि यदि अमेरिकी कृषि, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों को कम या शून्य आयात शुल्क पर भारत में प्रवेश दिया गया तो इससे किसानों की आय, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, कृषि रोजगार और देश की खाद्य सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ेगा।
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उन्होंने कहा कि सस्ते आयातित डेयरी उत्पादों के कारण करोड़ों छोटे पशुपालकों की आजीविका संकट में आ सकती है। वहीं भाकियू (चढ़ूनी ग्रुप) के युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना, जिला प्रधान गुरनाम सिंह फरल और महाबीर चहल नरड़ ने आरोप लगाया कि सरकार प्रभावित पक्षों, विशेषकर छोटे और सीमांत किसानों से बिना राय लिए इस ट्रेड डील को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने इसे तीन कृषि कानूनों से भी अधिक खतरनाक बताते हुए चेतावनी दी कि यदि किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
किसानों ने मांग की कि किसी भी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से पहले किसान संगठनों को वार्ता प्रक्रिया में शामिल किया जाए और डील के संभावित प्रभावों का व्यापक अध्ययन कराया जाए, ताकि किसान वर्ग के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

छोटू राम चौक के पास नारेबाजी करते हुए भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के सदस्य। संवाद

छोटू राम चौक के पास नारेबाजी करते हुए भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के सदस्य। संवाद

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