संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। क्षेत्र में यूरिया खाद की किल्लत से किसान बेहद परेशान हैं। धान की रोपाई पूर्ण हो चुकी है और अब फसल को नाइट्रोजन युक्त यूरिया की आवश्यकता है, लेकिन खाद की अनुपलब्धता के चलते किसान दिनभर लाइन में खड़े रहने के बावजूद खाली हाथ लौट रहे हैं। इससे उनमें भारी रोष है।
भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रदेश उपाध्यक्ष चमकौर सिंह बनेड़ा, जिला आईटी सेल प्रभारी जरनैल जैली, हरजिंदर नंबरदार, रिंकू पीडल, गुरपाल सिंह आदि ने बताया कि खाद की उपलब्धता नहीं है। धान का पौधा इस समय फुटाव की अवस्था में है, जहां यूरिया की आवश्यकता सर्वाधिक होती है। यदि इस समय पौधों को खाद नहीं मिली तो फसल की वृद्धि और उत्पादन दोनों प्रभावित होंगे।
आरोप ः खाद के साथ जबरन दे रहे दवाइयां
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ खाद विक्रेता यूरिया के साथ जबरन अन्य कृषि रसायन थमा रहे हैं, जिससे उन्हें अनचाही दवाइयों पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। किसानों ने मांग की कि खाद सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित की जाए और कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई हो।
90 फीसदी आपूर्ति हो चुकी
अब तक 90 फीसदी मांग के अनुसार यूरिया की आपूर्ति की जा चुकी है। प्रत्येक सप्ताह यूरिया के रैक जिले में पहुंच रहे हैं। जिन क्षेत्रों में मांग अधिक है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति की जा रही है। किसानों को चाहिए धैर्य बनाए रखें क्योंकि यूरिया की कोई स्थायी कमी नहीं है, शीघ्र ही सभी क्षेत्रों में पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। -डॉ. कंचन शर्मा, कृषि विभाग की उपमंडल अधिकारी