कैथल। जिले के गांव नरड़ से एक ऐसी प्रेरणादायक मिसाल देखने को मिली है। इसने दहेज प्रथा के खिलाफ समाज को एक मजबूत और सकारात्मक संदेश दिया है। किसान नेता महाबीर ने अपने बेटे दीपक की शादी में लड़की पक्ष की ओर से दिए जा रहे 55 लाख रुपये नकद दहेज को सम्मानपूर्वक लौटाकर एक अनूठी मिसाल कायम की।
जानकारी के अनुसार 14 फरवरी को दीपक का विवाह करनाल जिले के गांव रंगरूटी खेड़ा निवासी खुशी के साथ पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुआ। शादी का भव्य रिसेप्शन असंध शहर के एक निजी पैलेस में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान उस समय भावुक माहौल बन गया जब लड़की पक्ष की ओर से 55 लाख रुपये दहेज स्वरूप देने की पेशकश की गई। तब महाबीर चहल ने उनकी बेटी को ही उपहार के रूप में देना स्वीकारा और दहेज के रूप में मिले राशि और गहने वापस लौटा दिए। विवाह की रस्म के तौर पर उन्होंने केवल एक रुपये की सगाई स्वीकार की। दीपक चहल जर्मनी में अपना स्वयं का व्यवसाय संचालित करते हैं जबकि गांव नरड़ में उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा हुआ है। संवाद