संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। चेक बाउंस मामले में गुहला की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने एक किसान को दोषी करार देते हुए दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी को 39 लाख छह हजार 478 रुपये मुआवजा राशि भी शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए हैं। यह राशि एक माह के भीतर जमा करवानी होगी।
अदालती आदेश के अनुसार, शिकायतकर्ता जय भगवान उर्फ ज्ञान गोयल निवासी चीका अनाज मंडी में मैसर्स कश्मीरी लाल एंड संस के नाम से आढ़त का कारोबार करते हैं। जय भगवान के अनुसार, दोषी किसान लंबे समय से उनकी आढ़त के जरिये अपनी फसल बेचता था। इसके अलावा फसल उत्पादन के लिए समय-समय पर आर्थिक सहायता भी लेता रहा था। दोनों के बीच होने वाले लेनदेन का हिसाब फर्म के बही-खातों में दर्ज किया जाता था।
शिकायतकर्ता के अनुसार, दोनों पक्षों के खातों का मिलान करने पर आरोपी की ओर 41 लाख 71 हजार 478 रुपये बकाया निकले थे। इस राशि के भुगतान के लिए आरोपी ने 15 दिसंबर 2020 को इतनी ही रकम का चेक जारी किया था। शिकायतकर्ता ने चेक बैंक में जमा करवाया, लेकिन 23 दिसंबर 2020 को यह चेक बाउंस हो गया। चेक बाउंस होने के बाद शिकायतकर्ता ने 5 जनवरी 2021 को आरोपी को कानूनी नोटिस भेजा था। इसके बावजूद निर्धारित समय में आरोपी ने चेक की राशि का भुगतान नहीं किया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत में परिवाद दायर कर दिया।
दस्तावेज और गवाहियों के आधार पर सुनाया फैसला
अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें, दस्तावेज, गवाहियों और विशेषज्ञ की रिपोर्ट का मूल्यांकन किया। इसके बाद आरोपी को परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने उसे दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई और 39 लाख छह हजार 478 रुपये मुआवजा राशि एक माह के भीतर शिकायतकर्ता को देने के आदेश दिए।