जिला नागरिक अस्पताल में आइसोलेट किए गए गांव बात्ता निवासी कोरोना संक्रमित 40 व्यक्ति की सोमवार को मौत हो गई। व्यक्ति की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप लगाया। अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि चार दिन पहले संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल में दाखिल किया गया था। शुरू में उसे सांस लेने में थोड़ी दिक्कत थी। यहां आने पर दिन-ब-दिन हालत बिगड़ती गई। पहले ऑक्सीजन वाला बेड नहीं मिला। जब बेड मिला तो इलाज सही ढंग से नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि इलाज सही न मिलने के कारण उसकी मौत हो गई। परिजनों ने कहा कि वे अस्पताल में किए गए इलाज से संतुष्ट नहीं है।
अस्पताल की पीएमओ डॉ. रेनू चावला ने कहा कि अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोरोना महामारी इतनी गंभीर है कि कई बार बिल्कुल स्वस्थ व्यक्ति को भी अपनी चपेट में ले लेती है। अस्पताल में उपरोक्त व्यक्ति के इलाज का भी हर संभव प्रयास किया गया। ऑक्सीजन और वेंटिलेटर पर आने के बाद भी उसके जीवन को बचाने का प्रयास किया गया। अस्पताल ने कहीं भी अनदेखी नहीं की है।