संवाद न्यूज एजेंसी
कसान। सारण गांव में तालाब में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हुए लगभग आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज तक उस तालाब की चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो सका है। सुरक्षा इंतजामों के अभाव में ग्रामीणों में रोष है और वे लगातार प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
9 जुलाई 2025 को हुए इस दर्दनाक हादसे में गांव के ही नमन (9), वंश (8) और अक्षय (7) की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। तीनों बच्चे रिश्ते में चचेरे भाई थे और खेलते-खेलते तालाब के पास पहुंच गए थे। देखते ही देखते यह खेल उनकी जिंदगी का आखिरी पल बन गया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में मातम छा गया था, वहीं कैथल जिले में भी शोक की लहर दौड़ गई थी।
घटना के बाद ग्रामीणों ने तालाब के चारों ओर चहारदीवारी बनवाने की मांग तेज कर दी थी, ताकि भविष्य में ऐसा कोई हादसा दोबारा न हो लेकिन आठ महीने बीत जाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीण सुभाष ने बताया कि इस हादसे ने पूरे गांव को अंदर तक झकझोर दिया था। ग्राम पंचायत अपने स्तर पर चहारदीवारी का निर्माण कराने में सक्षम नहीं है, इसलिए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तालाब की स्थिति सुधारने की गुहार लगाई थी। उनका कहना है कि अब भी तालाब खुला पड़ा है और छोटे बच्चों के उसमें गिरने का खतरा बना हुआ है।
गांव की सरपंच सुदेश कुमारी ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से कई बार प्रशासन को चारदीवारी बनवाने के लिए पत्र लिखा जा चुका है। इसके अलावा उन्होंने पंचकूला स्थित हरियाणा पॉन्ड अथॉरिटी के कार्यालय में जाकर भी इस संबंध में मांग उठाई थी। वहां से यह जवाब मिला कि फिलहाल पर्याप्त फंड उपलब्ध नहीं है। उपलब्ध बजट पहले से स्वीकृत परियोजनाओं में खर्च किया जा चुका है। नए प्रोजेक्ट शुरू होने पर इस तालाब को शामिल करने का आश्वासन दिया गया है। सरपंच ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायत सारण के पास स्वयं इतने संसाधन नहीं हैं कि वह अपने स्तर पर चहारदीवारी का निर्माण करवा सके।