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Kaithal News: 11 दिन बीत जाने के बावजूद भी किसानों के खाते में नहीं आया पैसा

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ढांड। पोर्टल- पोर्टल के चक्कर में पिस रहा किसान। कभी पंजीकरण के नाम पर, कभी गेट पास के चक्कर में तो कभी बायोमेट्रिक के मिलन पर। इन सब परीक्षाओं में पास होने के बाद पोर्टल पर भुगतान में देरी ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। क्योंकि फसल बिक्री के 72 घंटे बाद किसानों के खाते में पैसे डालने के सरकार के दावे खोखले साबित होते जा रहे हैं। जिससे किसानों व आढ़तियों में सरकार के इस प्रकार के रवैया के प्रति गहरा रोष है।
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किसान मदनपाल, बलजीत सिंह, सुरेश कुमार, राजेश, दर्शन ने बताया कि सोलुमाजरा अदानी साइलो में उन्होंने कई दिन पहले गेहूं बेची थी लेकिन आज तक उनके खाते में गेहूं का कोई पैसा नहीं आया है। जबकि सरकार 72 घंटे में किसानों के खाते में पैसा डालने के बड़े-बड़े दावे कर रही है लेकिन धरातल पर जाकर देखें तो सच्चाई इससे कोसों दूर है। उन्होंने कहा कि जब अनाज मंडी में आढ़ती के पास जाते हैं तो इसका एक ही जवाब होता है कि हमने तो बिल बनाकर संबंधित खरीद एजेंसी में उसी दिन जमा करवा दिए थे। अब भुगतान करने की जिम्मेदारी खरीद एजेंसी की बनती है। पूर्व मंडी प्रधान नरेश घराडसी ने बताया कि 13 अप्रैल को सोलु माजरा अदानी साइलो में खरीद एजेंसियों द्वारा गेहूं की खरीद शुरू की गई थी लेकिन 11 दिन बीत जाने के बावजूद अभी भी एजेंसी किसानों का भुगतान करने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि जब संबंधित खरीद एजेंसी के अधिकारियों से भुगतान संबंधी बात करते हैं तो उनका एक ही जवाब होता है की पोर्टल में तकनीकी खामी के चलते यह समस्या आ रही है। पूर्व मंडी प्रधान का कहना है कि गलती सरकार की भुगतनी किसानों को पड़ रही है।
खरीद एजेंसी हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन के डीएम अजय का कहना है कि पोर्टल में कुछ तकनीकी खामियों के चलते ऐसा हुआ है। जिसके सुधार के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करवा कर शीघ्र ही किसानों के खाते में भुगतान करवा दिया जाएगा।
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