नगर परिषद के कार्यकारी चेयरमैन डा. पवन थरेजा द्वारा आज बुलाई गई परिषद की आम बैठक को लेकर अब पंद्रह पार्षदों ने जहां ईओ को पत्र लिखकर बैठक न करने की मांग की है। वहीं ईओ ने कार्यकारी चेयरमैन को पत्र लिखकर आम सभा के लिए जारी किए गए एजेंडे को कोविड नियमों और एमसी एक्ट के अनुसार न होने के कारण स्थगित करने का आग्रह किया है। एक पार्षद ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्यकारी चेयरमैन के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग को लेकर भी डीसी को शिकायत दी है। अब देखना होगा कि आज दोपहर बाद बैठक हो पाती है या नहीं।
कई पार्षदों की मांग पर कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा ने बिना अधिकारियों के हस्ताक्षर आदि के खुद ही बैठक का एजेंडा जारी कर आज रविवार 20 जून को दोपहर बाद तीन बजे नगर परिषद की आम बैठक बुलाई है। जबकि ईओ व अन्य अधिकारियों द्वारा इस बैठक के लिए कोई एजेंडा जारी नहीं किया गया। कार्यकारी चेयरमैन के एजेंडे के जवाब में ईओ बलबीर सिंह ने शनिवार को कार्यकारी चेयरमैन को लिखे पत्र में कहा कि एक्ट में सचिव के हस्ताक्षर के बाद ही सभी सदस्यों को बैठक का लिखित नोटिस दिया जाता है। इसीलिए कार्यकारी चेयरमैन ने अपने स्तर पर जो नोटिस 18 जून को 20 जून की बैठक के लिए दिया है, वह एक्ट के अनुसार सही नहीं है। इसीलिए आम सभा के लिए इस नोटिस को स्थगित करने का कष्ट करें। इसके अलावा मुख्यालय के पत्र अनुसार भारत व हरियाणा सरकार के कोविड को लेकर जारी हिदायतों में कोरेेना काल में आम सभा पर बैठक लेने के लिए डीसी सक्षम अधिकारी हैं। इसीलिए इस आम सभ्बैैै के लिए जारी नोटिस को स्थगित करने का कष्ट करें।
उधर, पार्षद दीपक शर्मा, पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति, आशा रानी, ज्योति सैनी, महिंद्रो रानी, विनोद कुमार सोनी, संतोष भोला, बबिता मित्तल, रमा रानी, डा. जितेंद्र ठुकराल, नरेश कुमार, रमेश गुप्ता, नरेश कुमार व प्रवीण कुमार ने ईओ को लिखे पत्र में कहा कि कार्यकारी प्रधान द्वारा रविवार को बैठक बुलाई गई है। जबकि इस समय कोरोना महामारी का प्रकोप है। पार्षद वार्ड में अनेकों लोगों को मिलते हैं। वे एक जगह एकत्रित होंगे और फिर लोगों के बीच जाएंगे तो इससे महामारी फैलने का डर है। इसलिए इस बैठक को लेकर यदि कोई कार्रवाई की जाती है तो सभी पार्षद कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे। पार्षदों ने यह भी कहा कि वे डोर टू डोर के कार्य से संतुष्ट हैं। उनके वार्ड में कोई दिक्कत नहीं है।
दूसरी ओर पार्षद दीपक शर्मा ने डीसी को दी शिकायत में कहा कि कोरोना नियमों के बावजूद कार्यकारी प्रधान डा. पवन थरेजा ने अनाधिकृत रूप से बैठक बुलाने के लिए नोटिस जारी किया है। नगर परिषद के 31 पार्षद, तीन मनोनित सदस्य व मीडिया सहित कर्मचारी व अन्य लोगों के एकत्रित होने का डर है। जिस कारण करीब 50 से अधिक लोग एकत्रित हो सकते हैं। कार्यकारी चेयरमैन ने सरकार की कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन किया है। इस बैठक के लिए उन्होंने कोई अनुमति नहीं ली है। उसने यह भी कहा कि कार्यकारी चेयरमैन विपक्ष से संबंध रखते हैं और सरकार को बदनाम करने व अव्यवस्था फैलाने के लिए यह बैठक बुलाई है। इसलिए उसके खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाए।
कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा ने कहा कि उन्हें ईओ का पत्र प्राप्त हुआ है। इस पत्र के संदर्भ में विशेषज्ञों से बातचीत की जा रही है। रविवार की सुबह डीसी से मिलकर बैठक की अनुमति ली जाएगी। अनुमति मिली तो ही नियमानुसार बैठक की जाएगी। इसके अलावा पंद्रह पार्षदों द्वारा बैठक न बुलाए जाने की मांग के बारे में भी पता चला है। इस संबंध में भी विशेषज्ञों से सलाह की जा रही है। क्योंकि हमें कोई भी प्रस्ताव पारित करने के लिए 17 पार्षदों की आवश्यकता है। रही बाद पार्षद दीपक शर्मा द्वारा पुलिस केस दर्ज करवाए जाने की मांग को लेकर तो उन्होंने कहा कि जब कोई गैर कानूनी काम होगा, तभी तो केस दर्ज होगा। हम सभी कार्य नियमानुसार करेंगे।