संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दिवाली पर इस बार भी अतिशबाजी को लेकर जिला प्रशासन के दावे फेल हुए। इसका नतीजा यह रहा कि पर्व पर हुई आतिशबाजी में आठ लोग झुलस गए। हालांकि इन लोगों को अधिक चोटें नहीं लगी। ऐसे में इन्हें प्राथमिक उपचार के बाद वापस भेज दिया गया। यह सभी केस जिला नागरिक अस्पताल में आए थे। बता दें कि प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी जिला प्रशासन ने आतिशबाजी को रोकने को लेकर आदेश जारी किए थे। यही नहीं प्रशासन की ओर से आतिशबाजी बेचने वालों के खिलाफ भी नियम बनाए गए हैं, लेकिन यह नियम केवल कागजों व फाइलों ही सीमित रीते हैं। वीरवार को शहर की हर गली चौराहे पर आतिशबाजी बिकती नजर आई।
आंख और चरम रोगों में हुआ इजाफा-
उजाला सिग्नस अस्पताल के उपाध्यक्ष और यूनिट हेड डाॅ. जसजीत सिंह ने बताया कि बढ़ता वायु प्रदूषण विशेषकर दमा व सांस के मरीजों के लिए खतरे की घंटी है। एक्यूआई 250 तक पहुंचने से दमा के मरीजों को सांस लेने में परेशानी होती है। उन्होंने बताया कि इस कारण आंख और चरम रोग मरीजों में इजाफा हुआ है। ऐसे में हमें मास्क पहनना चाहिए तथा आंखों को बार-बार स्वच्छ पानी से धोना चाहिए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को वायु प्रदूषण का स्तर 270 पर दर्ज किया गया है। जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले बताया कि वीरवार सुबह से शुक्रवार दोपहर तक आतिशबाजी से झुलसने के बाद पांच मामले सामने आए थे। इन सभी को प्राथमिक उपचार देने के बाद वापस भेज दिया गया था।