संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। यहां एक सनसनीखेज मामले में सरकार को दिए जाने वाले चावल के कट्टों की जगह ट्रक में आठ मजदूर बैठाकर चावल के कट्टे निकाले जाने का पर्दाफाश हुआ है। वेयरहाउस के गोदाम में बंद ट्रक में हुई कंपन से अधिकारी को हुए शक के बाद मामले का खुलासा हुआ। जांच की तो ट्रक में अंदर छुप कर बैठे छह मजदूर निकले। फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच आरंभ कर दी है। जांच पूरी होने पर बड़े घोटाले से पर्दाफाश हो सकता है।
धान के सीजन में खरीदे गए सरकारी धान में से चावल निकाल कर इस समय मिल मालिक सरकारी गोदामों में जमा करवा रहे हैं। इसी तरह बाबा एग्रो राइस मिल से एक ट्रक में चावल भरकर वीरवार को वेयरहाउस के गोदाम में जमा करवाए जाने थे। जब चावल की गाड़ी का वजन किया जा रहा था तो बंद ट्रक में भी धर्मकांटे में कंपन बंद नहीं हुई। जिस पर वेयरहाउस के अधिकारी को शक हुआ। उसने ट्रक की छानबीन की तो उसमें अंदर आठ मजदूर बैठे हुए मिले। मजदूरों के वजन के बराबर के चावल को कहीं ओर निकाल दिया। वजन पूरा करने के लिए उसकी जगह इन मजदूरों को बैठा दिया। न जाने यह तरकीब कब से अपनाई जा रही है। इसमें कौन-कौन शामिल हैं। उधर, घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही चीका थाने के कार्यकारी थानाध्यक्ष विलासा राम मौके पर पहुंचे और उन्होंने ट्रक को अपने में कब्जे में लेते हुए ट्रक में बैठे करीब आठ लोगों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाना में ले गए।
वहीं मामले की सूचना मिलने पर बाबा एग्रो राइस मिल के मालिक लक्की ने पुलिस को शिकायत में बताया कि चावल का ट्रक उसके राइस मिल से गया था और उसे पता चला है कि ट्रक के ड्राइवर व अन्य कुछ लोगों ने मिलकर राइस मिल से भरी गई चावलों की बोरियां न जाने कहां छिपा दी हैं या बेच दी हैं। राइस मिल से गया चावल सरकारी स्टॉक में जाना चाहिए था। लक्की ने बताया कि उसके पास वेयर हाउस से फोन आया था कि उसके राइस मिल से आया चावल पूरी मात्रा में नहीं था। लक्की ने शिकायत दर्ज करवाकर मांग की है कि उक्त घोटाले की बारीकी से जांच की जाए और जो भी लोग इसमें शामिल हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
कई अन्य लोगों सहित गोदाम के अंदर के लोग भी हो सकते हैं घोटाले में शामिल
इस घोटाले में गोदाम के अंदर व बाहर के अनेकों लोग भी शामिल हो सकते हैं। क्योंकि यदि ट्रक वजन होने के बाद अंदर चला जाता तो अंदर ट्रक को खाली करते समय यह खुलासा होता। यदि यह क्रम पहले भी दोहराया गया है तो निश्चित तौर पर अंदर भी मिलीभगत हो सकती है। इस मामले में केवल ट्रक चालक शामिल है, या फिर कोई ओर भी संलिप्त है, इस बात की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगी। बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में मोबाइल जब्त किए हैं। मोबाइल से किए गए कई अधिकारियों को भुगतान का राज भी खुल सकता है। देखना होगा कि मामले में क्या सच्चाई सामने आती है।
कोट
मामला संगीन है, जिसकी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और संबंधित ट्रक को भी जब्त किया है। इस मामले में कानूनी राय ली जा रही है और देर रात तक मुकदमा दर्ज कर लिया जाएगा। विलासा राम कार्यकारी एसएओ थाना चीका