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Kaithal News: सुदकैन डिस्ट्रीब्यूटरी योजना में चूक से माइनर तक नहीं पहुंच रहा पानी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। करोड़ों रुपये की लागत से बनाई जा रही सुदकैन डिस्ट्रीब्यूटरी कंकरीटीकरण योजना लोकार्पण से पहले ही कलायत शहर व आसपास के ग्रामीण अंचल के किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है।

नाराज किसानों का कहना है कि डिस्टीब्यूटरी से पानी इतनी तेजी से बह रहा है कि इसके हेड से कपिल मुनि माइनर में पानी पहुंच ही नहीं पा रहा। नतीजतन कलायत, खरक पांडवा, रामगढ़ पांडवा, चौशाला समेत कई गांवों की हजारों एकड़ फसलें को पानी नहीं मिल पा रहा है।
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किसानों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में गंभीर चूक और लापरवाही हुई है। अगर समय रहते इस गड़बड़ी को दूर नहीं किया गया तो इस बार धान व अन्य फसलों की पैदावार बुरी तरह प्रभावित होगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चावल की मांग पूरी करने में कलायत क्षेत्र की अहम भूमिका रही है, लेकिन इस हालात में किसान नुकसान झेलने को मजबूर होंगे।

शनिवार को बालू गांव की सीमा पर कपिल मुनि माइनर हैड पर किसानों की बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से तय किया गया कि वैकल्पिक तौर पर अस्थायी बांध बनाकर पानी को माइनर में पहुंचाने का प्रयास किया जाए। हालांकि यह कोशिश असफल रही। इसके बाद किसानों ने प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए जिला मुख्यालय तक मार्च का निर्णय लिया। मौके पर सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के एसडीओ अखिल कौशिक अपनी टीम सहित पहुंचे। अधिकारी समस्या के समाधान में जुटे हैं।

प्रभावित किसानों जयपाल, विक्रम, बलिंद्र, नन्हा, जयप्रकाश, विक्की और अन्य ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाया है। उम्मीद थी कि योजना से खेतों को समय पर पानी मिलेगा और पैदावार बढ़ेगी लेकिन तकनीकी मानकों की अनदेखी के चलते पानी की ढलान और प्रवाह अवरुद्ध हो गया। किसानों ने गुणवत्ता जांच के जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
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समस्या का हल होगा

सुदकैन डिस्ट्रीब्यूटरी से कपिल मुनि माइनर में पानी न पहुंचने की समस्या मेरे संज्ञान में है। टीम के साथ मौका स्थल का निरीक्षण किया है। विभाग सभी जरूरी प्रयास करेगा, ताकि माइनर के जरिये खेतों तक पानी पहुंचे। किसानों को धैर्य रखना चाहिए।

-अखिल कौशिक, सिंचाई अभियंता, कलायत उपमंडल
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