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Kaithal News: पुलिस को देख गलियों में दौड़ाई पिकअप, 125 पेटी अवैध पटाखों के साथ चालक गिरफ्तार

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पुलिस की ओर से पकड़ा गया आरोपी। प्रवक्ता
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फोटो- 8
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कैथल। सीआईए कलायत की टीम ने गांव नरवल के पास कैथल-राजौंद रोड पर एक पिकअप से 125 पेटियां बम-पटाखे बरामद किए हैं। पुलिस को देखकर चालक ने गाड़ी गलियों में भगाने का प्रयास किया लेकिन टीम ने पीछा कर उसे काबू कर लिया। गिरफ्तार आरोपी तरसेम सिंह निवासी गांव कमालपुर, जिला संगरूर (पंजाब) का रहने वाला है। पटाखों का लाइसेंस और परमिट नहीं मिलने पर पुलिस ने पिकअप जब्त कर थाना राजौंद में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस प्रवक्ता प्रवीण श्योकंद ने बताया कि 19 अक्तूबर को सीआईए कलायत की टीम को सूचना मिली थी कि गांव नरवल में सफेद रंग की महिंद्रा बोलेरो पिकअप (पीबी 11 सीवाई 4157) में पटाखे लोड किए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई की। गांव नरवल से राजौंद की ओर जाते समय टीम को पिकअप सामने से आती दिखाई दी। पुलिस को देखकर चालक ने वाहन को गांव की गलियों में तेज गति और लापरवाही से भगाने का प्रयास किया। पुलिस कर्मचारियों ने पीछा कर कैथल-राजौंद रोड पर गाड़ी को रोक लिया।
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पूछताछ में चालक ने पिकअप में पटाखे होने की बात स्वीकार की लेकिन इनके परिवहन और भंडारण से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद फायर ब्रिगेड विभाग को सूचना दी गई। राजौंद के फायर ब्रिगेड इंचार्ज एलएफएम सतीश कुमार की मौजूदगी में पेटियों की जांच की गई। एक पेटी खोलने पर उसमें बम-पटाखे मिले। पिकअप से गत्ते की कुल 125 पैकिंग शुदा पेटियां बरामद हुईं।
सितंबर में 571 पेटियां, अक्तूबर में भी दो बड़ी कार्रवाई
जिले में इस साल अवैध पटाखों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। 13 सितंबर को कैथल के करनाल रोड पर पत्थर मार्केट के सामने पुलिस ने रोहित, सलमू, शलोक और राजिंदर को गिरफ्तार कर 571 पेटियां बरामद की थीं। प्रत्येक पेटी में 40 छोटे पैकेट थे। इस तरह कुल 22,840 पैकेट पटाखे मिले थे।

5 अक्तूबर को गांव बात्ता में अंकित और सोमपाल को गिरफ्तार कर 134 पेटियां बरामद की गई थीं। इनमें 84 पेटियां वाहन और 50 पेटियां फैक्टरी से मिली थीं। इसके बाद 13 अक्तूबर को पूंडरी में 55 पेटियां पटाखे बरामद कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

पूंडरी और कैथल में भी पकड़ी जा चुकी है विस्फोटक सामग्री
9 जनवरी : पूंडरी की दिग्गा कॉलोनी में पटाखा बनाने वाली फैक्टरी पर कार्रवाई कर राजेंद्र सिंह को पकड़ा गया था।

11-12 फरवरी : पूंडरी के काकौत रोड पर बरसाना निवासी सुशील कुमार को गिरफ्तार किया गया था। उसके कब्जे से 20 क्विंटल 52 किलोग्राम चटर-पटर पटाखे, ज्वलनशील विस्फोटक सामग्री और 342 प्लास्टिक पल्लियां बरामद हुई थीं।

12-13 अप्रैल : कैथल के आंबेडकर नगर में असंध निवासी राजेंद्र कुमार को पकड़ा गया था। उसके पास से छोटे पटाखों के साथ करीब 30 किलोग्राम ज्वलनशील पदार्थ मिला था।

18 सितंबर : चीका के शक्तिनगर में एक रिहायशी मकान पर छापा मारकर पुलिस ने 670.86 किलोग्राम बम-पटाखे बरामद किए थे। इस मामले में कृष्ण लाल निवासी शक्तिनगर, चीका को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार मकान के एक कमरे में 33 पेटियां रखी हुई थीं।

पिछले साल 10 कार्रवाई में 4863 किलो पटाखे बरामद

वर्ष 2025 में 25 मार्च से 20 दिसंबर तक जिले में अवैध पटाखों के खिलाफ 10 कार्रवाई की गई थीं। इनमें पूंडरी में छह, सिविल लाइन क्षेत्र में दो और राजौंद व कलायत में एक-एक कार्रवाई हुई थी। इन मामलों में कुल 4863.451 किलोग्राम पटाखे बरामद किए गए थे और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
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दुकानों और घरों में पटाखे रखने से जान-माल को खतरा
फायर ब्रिगेड इंचार्ज एलएफएम सतीश कुमार ने बताया कि गाड़ियों, दुकानों और रिहायशी मकानों में अवैध रूप से पटाखे रखने से आग लगने और विस्फोट का खतरा बना रहता है। पटाखों में मौजूद ज्वलनशील सामग्री छोटी सी चिंगारी से भी आग पकड़ सकती है। इससे आसपास के मकानों, दुकानों और वाहनों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे हादसों में लोगों के झुलसने, गंभीर रूप से घायल होने या जान जाने का खतरा रहता है। रिहायशी इलाकों में पटाखों का भंडारण बच्चों, बुजुर्गों और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। बिना लाइसेंस पटाखे रखने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
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