कैथल। शहर में पेयजल और निकासी की समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अब जल्द ही परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर की कई कॉलोनियों और मोहल्लों में नई पेयजल और सीवरेज लाइनें बिछाई जाएंगी। ये कार्य अमृत प्रोजेक्ट 2.0 के तहत होंगे, हालांकि विभाग की ओर से विकास कार्यों पर खर्च होने वाली राशि का अभी निर्धारण नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों का अनुमान है कि करीब 40 करोड़ रुपये इन कार्यों पर खर्च होंगे। आचार संहिता हटने के बाद इन कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विभाग की ओर से इन विकास कार्यों को जल्द पूरा कराने का प्रयास भी किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार पेयजल और सीवरेज की उचित व्यवस्था नहीं होने से इस समय शहर के लगभग एक-तिहाई हिस्से में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुराने शहर के मोहल्लों, नई विकसित और वैध हुई कॉलोनियों और शहर के बाहर पडऩे वाली 20 से अधिक कॉलोनियों के लोग इस समय पेयजल और निकासी की समस्या से जूझ रहे हैं। इस समय यहां के लोग पेयजल के लिए निजी संसाधनों पर निर्भर हैं। उसी प्रकार निकासी व्यवस्था भी सही नहीं है। बरसात के दिनों में निकासी की समस्या बढ़ जाती है। अब इन कॉलोनियों में कार्य होने से लोगों को दोनों प्रकार की समस्याओं से निजात मिलेगी।
विभाग आचार संहिता हटने के इंतजार में-
कॉलोनियों में बिछाई जाने वाली नई पेयजल और सीवरेज लाइनों का कार्य फिलहाल आचार संहिता के कारण रुका हुआ है। इन कार्यों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट विभाग की ओर से पहले ही तैयार करवाई जा चुकी है। इसमें यह देखा गया है कि किस कॉलोनी या मोहल्ले में कितने किलोमीटर लंबी सीवरेज अथवा पेयजल की पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी। अब विभाग को निविदा प्रक्रिया शुरू करने के लिए आचार संहिता हटने का इंतजार है। बरसाती सीजन तक कार्य को पूरा करने का विभाग का अनुमान है।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता अशोक कुमार खंडूजा ने बताया कि नए होने वाले कार्यों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। विभाग को सिर्फ आचार संहिता हटने का इंतजार है। आचार संहिता के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू कर देंगे। शहरवासियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने विभाग के अधिकारियों बातचीत की है।