संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मानसून आने को है, लेकिन नगर परिषद और संबंधित विभागों की ओर से जलभराव की समस्या से निपटने की तैयारियां अभी तक अधूरी हैं। शहर के दो प्रमुख क्षेत्रों प्रताप गेट और अमरगढ़ गामड़ी में नालों की स्थिति बेहद खराब है।
इन दोनों क्षेत्रों से शहर के मुख्य नाले गुजरते हैं, जिनकी अभी तक सफाई तक शुरू नहीं हुई है। एक नाला नगर परिषद और दूसरा लोक निर्माण विभाग के अधीन आता है, लेकिन दोनों ही नालों में गंदगी भर चुकी है। परिणामस्वरूप, करीब 20 हजार की आबादी हर साल जलभराव की समस्या से जूझ रही है।
अमरगढ़ गामड़ी में 32 साल से यह है समस्या
पिछले तीन दशक से यहां नालों की सफाई मानसून शुरू होने के बाद ही की जाती है, जिससे हर बार हालात बिगड़ते हैं। बारिश के दौरान सीवरेज का गंदा पानी नालों में मिलकर रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच जाता है, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है। दुकानदारी भी प्रभावित होती है। -राजू कुमार, स्थानीय दुकानदार
बारिश होने पर प्रताप गेट पर हो जाता है जलभराव
कॉलोनी से गुजर रहे नाले की समय पर सफाई न होने के कारण बारिश के दिनों में पूरा क्षेत्र पानी से भर जाता है। पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि तत्काल सफाई कार्य शुरू किया जाए, ताकि लोगों को जलभराव से राहत मिल सके। -राजेंद्र कुमार, प्रताप गेट निवासी
मानसून को ध्यान में रखते हुए सभी नालों की सफाई का कार्य पहले ही शुरू किया जा चुका है। कई जगहों से गंदगी हटाई जा रही है। 30 जून से पहले सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी। -दीपक कुमार, ईओ, नगर परिषद कैथल