कलायत। कपिल मुनि राजकीय महिला कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना, रेड क्रॉस एवं स्पेशल डे सेलिब्रेशन कमेटी के संयुक्त तत्वाधान में भारत रत्न डा. बीआर आंबेडकर की जयंती कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सबसे पहले प्राचार्य डाॅ. सुनील गर्ग एवं सभी प्राध्यापकों ने मोमबत्ती जलाकर एवं केक काटकर बाबा साहब के जन्मदिन की खुशियां प्रकट की।
इस उपलक्ष्य में बतौर मुख्य अतिथि प्राचार्य गर्ग ने कहा कि डॉ. आंबेडकर केवल दलित समाज के मसिहा ही नहीं बल्कि वह समस्त मानव जाति के हितैषी थे। उन्होंने विकट परिस्थितियों का सामना करते हुए समाज के लिए एक आदर्श स्थापित किया और समस्त मानव जाति के लिए प्रेरणा स्त्रोत बने। डाॅ. अंबेडकर ने साधनों के अभाव में एवं सामाजिक शोषण सहते हुए समाज व देश के लिए कार्य किया। गर्ग ने छात्राओं को कहा कि डा.अंबेडकर के जीवन संघर्ष से प्रेरणा लेकर आगे बढऩा चाहिए।
उन्होंने बताया कि डाॅ. आंबेडकर ने नारी के लिए मातृत्व अवकाश, बाल देखभाल अवकाश, समान काम समान वेतन, कार्यक्षेत्र में निश्चित समय सीमा, पेंशन योजना, विधवा विवाह, लड़कियों को समान शिक्षा, महिलाओं को पैतृक संपत्ति में हिस्सेदारी आदि मानव कल्याण के कार्यों को करने में अहम भूमिका निभाई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर डाॅ. राम जुवारी ने छात्राओं को बताया कि बाबा साहब डाॅ. आंबेडकर किस तरह एक कक्षा से बाहर बैठकर पढऩे के बावजूद कोलंबिया यूनिवर्सिटी की ओर से सिंबल ऑफ नॉलेज खिताब से नवाजे गए।
बराक ओबामा ने जिनको ज्ञान का सूर्य कहा। यह सब उनके संघर्षों और मेहनत का परिणाम था कि वे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से नवाजे गए। उनके संघर्ष में जीवन से हमें शिक्षा लेनी चाहिए कि कितनी भी विकट स्थिति क्यों ना आ जाए हमें निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। वह देश की ऐसी महान विभूति थे जिन्होंने स्वयं बहुत अधिक आर्थिक संकट का सामना किया, लेकिन रिजर्व बैंक आफ इंडिया की स्थापना में उनकी अहम भूमिका थी।
उनके आदर्शों व शिक्षाओं को प्रत्येक मानव को अपने जीवन में अपनाना चाहिए और दूसरों को भी उनके दिए गए आदर्श को अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। इस अवसर पर डाॅ. कविता रानी, प्राध्यापक सुरेश, प्राध्यापिका रीनू, प्राध्यापिका रीतू, प्राध्यापिका कविता, प्राध्यापक शेर सिंह आदि उपस्थित रहे।