सीवन/कैथल। लगातार हो रही बारिश और हिमाचल-पंजाब में आई बाढ़ से इलाके के हालात खराब हैं। फसल चौपट होने के साथ सब्जियों के दाम आसमान पर चढ़ गए हैं। दरअसल, हिमाचल के ऊपरी क्षेत्रों से सब्जियों की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जबकि निचले क्षेत्रों से आ रही सीमित आवक ने मंडियों में दाम दोगुने से भी ज्यादा कर दिए हैं।
सब्जी विक्रेता बलजीत प्रजापत के अनुसार, हिमाचल से आने वाली गोभी, मटर और फ्रेंच बीन की सप्लाई लगभग रुक चुकी है। परिणामस्वरूप गोभी मंडी में 100 रुपये किलो, मटर 200-250 रुपये किलो और फ्रेंच बीन 200 रुपये किलो तक पहुंच गई है। राहत की बात यह है कि नासिक से अच्छी आवक के चलते टमाटर सस्ते होकर 40 रुपये किलो बिक रहे हैं। बारिश और जलभराव ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
सब्जियों की महंगाई ने आम उपभोक्ता की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। मटर और गोभी जैसी सब्जियां थाली से दूर होती जा रही हैं, हालांकि टमाटर के सस्ते होने से थोड़ी राहत जरूर है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं होता और आपूर्ति पटरी पर नहीं आती, महंगाई पर काबू पाना मुश्किल होगा और आने वाले महीनों तक इसका असर मंडियों में दिखेगा। संवाद
धान की अगेती किस्म 1509 को भी नुकसान पहुंचा है। अभी नुकसान सतही तौर पर कम दिख रहा है, लेकिन उत्पादन में बड़ी गिरावट की आशंका है, जिससे पैदावार और आय दोनों प्रभावित होंगी।
सुरेंद्र सरदाना, किसान
बारिश के बाद खेतों में पानी भर जाने से करेला, घिया, तोरी और टमाटर जैसी बेल वाली फसलें पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। खीरे की बोवनी, चाहे पॉलीहाउस में हो या खुले खेत में, पूरी तरह चौपट हो गई है। -राजेश रहेजा, सब्जी उत्पादक किसान