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Kaithal News: टेंडर के बाद भी नहीं शुरू हुआ कुत्तों को पकड़ने का अभियान

Sun, 14 Dec 2025 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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डोगरा गेट में सड़क पर घूम रहा लावारिस कुत्तों का झूंड। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। शहर में लावारिस कुत्तों के बढ़ते आतंक के बीच नगर परिषद और चयनित एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर परिषद की ओर से कुत्तों को पकड़कर नसबंदी कराने के लिए एजेंसी को टेंडर दिए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक न तो कुत्ते पकड़ने का काम शुरू हो पाया है और न ही अस्थायी क्लीनिक की व्यवस्था की जा सकी है। इस लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

नगर परिषद द्वारा लावारिस कुत्तों की नसबंदी के लिए करीब 35 लाख रुपये का टेंडर दिया गया है। इसके तहत एजेंसी को एक कुत्ते को पकड़ने और नसबंदी करने पर 1650 रुपये का भुगतान किया जाना है। बावजूद इसके, एजेंसी अब तक अस्थायी क्लीनिक तक नहीं बना सकी है, जबकि नगर परिषद की ओर से इसके लिए जगह पहले ही चिन्हित कर दी गई है। काम शुरू न होने के पीछे यही कारण बताया जा रहा है।
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परिषद के सर्वे के अनुसार शहर में करीब 4500 लावारिस कुत्ते हैं, जबकि जमीनी हकीकत में इनकी संख्या पांच हजार से भी अधिक बताई जा रही है। योजना के तहत एजेंसी कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी करेगी, ताकि उनकी संख्या पर नियंत्रण पाया जा सके। इसके साथ ही कुत्तों को दो अन्य इंजेक्शन भी लगाए जाने हैं, जिससे यदि किसी नागरिक को काट लिया जाए तो गंभीर बीमारियों का खतरा कम हो सके।

नागरिक अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन 15 से 20 लोग कुत्तों के काटने के बाद रेबीज का टीकाकरण करवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद नगर परिषद की कार्रवाई कछुआ चाल से आगे नहीं बढ़ पा रही है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से प्रयासों के बाद एजेंसी तो मिल गई, लेकिन अब भी अभियान शुरू नहीं हो सका है। बालाजी कॉलोनी निवासी सुनील ने बताया कि उनके इलाके में लावारिस कुत्तों की भरमार है। हालात ऐसे हैं कि बच्चे गली में खेलने से डरते हैं और कुत्तों को पत्थर मारकर भगाना पड़ता है।

कुत्तों के आतंक से दहशत में लोग

सीवन गेट निवासी रामलाल ने बताया कि वह गली में टहलते हुए घर लौट रहे थे, तभी कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया और एक कुत्ते ने उनकी टांग पर काट लिया।





लावारिस कुत्तों की भरमार, रोजाना बढ़ रही परेशानी

नगर परिषद क्षेत्र में लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुत्तों को पकड़ने के लिए टेंडर प्रक्रिया लंबे समय से चल रही थी, लेकिन टेंडर मिलने के बाद भी जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नजर नहीं आ रही। हालात यह हैं कि रोजाना शहरवासियों को कुत्तों के काटने की घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
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जल्द शुरू होगा अभियान : सचिव

नगर परिषद सचिव पवन शर्मा ने बताया कि कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। एजेंसी को अस्थायी क्लीनिक बनाना है, जिसके लिए नगर परिषद की ओर से जगह चिन्हित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि एजेंसी जल्द ही अभियान शुरू करेगी और शहर में मौजूद सभी लावारिस कुत्तों की नसबंदी कराई जाएगी।
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