संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विश्व रेबीज दिवस वीरवार को है। जिले में आवारा कुत्तों से सचेत रहने की जरूरत है। नहीं तो इनके काटने पर रेबीज बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। पालतू कुत्तों में भी वायरस हो सकते हैं। यदि ये भी काटे या इनके नाखून लग जाएं तो भी बचाव का टीका जरूर लगवाएं। सचेत न रहे तो मुसीबत हो सकती है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से जिले में कुत्ता काटने मरीजों में इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस समय रोजाना करीब 30 नए मरीज आ रहे हैं। वहीं 70 से अधिक मरीज प्रतिदिन रेबीज का टीका लगवाने पहुंच रहे हैं।
रेबीज से बचने का टीका जिले में केवल जिला नागरिक अस्पताल में ही लगाया जाता है। यहां इस समय रेबीज से बचाव के टीकों का स्टॉक पूरा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जिले के इस समय अधिकतर मामलों में कुत्तों से काटने के मामले सामने आते हैं। रेबीज से बचाव के लिए नागरिक अस्पताल में इस समय 200 से अधिक टीकों की डोज का स्टॉक रहता है।
पिछले कुछ दिन पहले ही रेबीज की टीकों की कमी के कारण जिला नागरिक अस्पताल में टीकाकरण प्रभावित हुआ था परंतु अब ऐसा नहीं है। अब टीकाकरण का काम सुचारु रूप से जारी है।
जिला नागरिक अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन मांडले ने बताया कि रेबीज उन जानवरों के काटने से फैलता है। जिन जानवरों में रेबीज वायरस होता है। हालांकि जिले में कुत्तों से काटने के मामले अधिक आते हैं। इसके बाद बंदरों के काटने के मामले सामने आते हैं। यदि कुत्तों में रेबीज नहीं है तो उनके काटने पर मरीज को महज तीन टीके ही लगवाने होते हैं। इस समय अस्पताल में रेबीज के टीकों का सही प्रबंध किया गया है।
रेबीज होता है तब...
रेबीज वायरस रेबीज संक्रमण का कारण बनता है। यह वायरस संक्रमित जानवरों की लार से फैलता है। संक्रमित जानवर किसी अन्य जानवर या व्यक्ति को काटकर वायरस फैला सकते हैं। दुर्लभ मामलों में, रेबीज तब फैल सकता है जब संक्रमित की लार किसी खुले घाव या म्यूकस मेंब्रेन जैसे मुंह या आंखों में चली जाती है।
वैक्सीन 72 घंटे में जरूरी
कुत्ते या अन्य किसी जानवर के काटे जाने के बाद 72 घंटे के अंदर एंटी रेबीज वैक्सीन का इंजेक्शन अवश्य ही लगवा लेना चाहिए
रेबीज के लक्षण
दर्द होना
थकावट महसूस करना।
सिरदर्द होना।
बुखार आना।
मांसपेशियों में जकड़न होना।
घूमना-फिरना ज्यादा हो जाता है।
चिड़चिड़ा होना था उग्र स्वाभाव होना।
व्याकुल होना।