लगातार दूसरे राज्यों से आ रही धान की जांच के लिए शनिवार को डीएमईओ मार्केटिंग बोर्ड मौके पर पहुंचे। इस दौरान अधिकतर गाड़ियों में लदे धान के कागजात नहीं थे। उन्होंने वाहनों के पुलिस वेरिफिकेशन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
मौके पर पहुंचे डीएमईओ कैथल अभिवन वालिया ने कहा कि लगभग 4 गाड़ियां ऐसी हैं, जिनकी पुलिस द्वारा वेरिफिकेशन होगी कि ये गाड़ियां कहां उतरनी हैं। उन्होंने बताया कि 15 गाड़ियां ऐसी हैं, जिनकी मार्केट फीस नहीं भरी हुई। उनसे फीस भरवाई जाएगी इसके अतिरिक्त बारीक धान की जो गाड़ियां पहुंची हुई हैं, उनके संबंध में पूरी जांच होने में 14 दिनों का समय लग सकता है। गलत पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान उनसे बात करते हुए किसानों ने कहा कि बारीक धान की खरीद प्राइवेट तौर पर हो रही है, लेकिन पीआर किस्म की धान बहुत ही सस्ते दामों में चीका क्षेत्र के राइस मिलों में पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि फर्जी तौर पर लिखी गई धान की एवज में ही बाहर से धान मंगवाकर कुछ लोगों द्वारा अपना कोटा पूरा किया जा रहा है। किसानों ने इस मामले में तुरंत प्रभाव से जांच की मांग की है। इससे पहले शुक्रवार को किसानों द्वारा दूसरे राज्य से आई धान को रोककर रोष जताया गया था। किसानों की मांग पर मुख्य प्रशासक विनय सिंह यादव द्वारा डीएमईओ कैथल अभिनव वालिया को आदेश जारी किए गए थे। जांच की मांग करने वाले किसानों में
भाकियू एकता उगराहां के जिला प्रधान प्रताप सिंह, जिला उप-प्रधान चरणजीत कौर, मा. भूपेंद्र सिंह, अनुसाशन कमेटी से बलबीर सिंह, करनैल सिंह आदि शामिल थे।