फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो करोड़ की लेनदारी-देनदारी से परेशान आढ़ती ले लगाया फंदा

विज्ञापन
विज्ञापन
नई अनाज मंडी में एक आढ़ती ने देनदारी से परेशान होकर दुकान के ही चौबारे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। आढ़ती पर करीब दो करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी थी। इतनी ही राशि लगभग उसे मिलर्स और अन्य लोगों से लेनदारी भी थी। इसी से परेशान होकर आढ़ती ने फंदा लगा लिया। पुलिस ने मृतक के पुत्र की शिकायत पर चीका के एक राइस मिल मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन

पुलिस को दी शिकायत में सरगोदा कॉलोनी निवासी दीपक मंगला ने बताया कि उसकी बद्दी (हिमाचल प्रदेश) में प्रिंटिंग का काम है। उसके पिता नरेंद्र कुमार की नई अनाज मंडी कैथल में आढ़ती थे। उनके पिता का कई व्यक्तियों के साथ पैसों का लेन-देन था। करीब पांच दिन पहले वह अपने पिता के साथ पैसे लेने के लिए गर्ग राइस मिल मालिक चीका गए थे। जहां उसके मालिक सुरेश गर्ग से उसके पिता ने करीब 1.50 करोड़ रुपये लेने की बात की, लेकिन सुरेश कुमार ने काफी विनती करने पर भी पैसे देने से मना कर दिया। उसके पिता ने यह भी कहा कि उसने यह राशि आगे मंडी में उन लोगों को देनी है, जिन्हें उनसे पैसे लेने हैं। जो उन्हें लगातार पैसे मांग कर परेशान कर रहे हैं। इसके बावजूद उक्त सुरेश गर्ग ने उसके पिता की राशि नहीं दी। जिस कारण उसके पिता परेशान चल रहे थे।
वे सुबह हर रोज छह बजे दुकान पर जाते थे और आठ बजे नहाने के लिए आते थे। वीरवार की सुबह जब वे वापस नहीं आए तो फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। फोन पर भी संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद वह अपने भाई अमित मंगला को सूचना देकर अपने पिता को को देखने के लिए दुकान पर चला गया। दुकान की छत पर बने कमरे में पंखे की कुंडी पर पिता का शव फंदे पर लटका था। वे उन्हें अस्पताल लेकर गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन

उसने कहा कि उसके पिता को कई लोगों से लेना-देना था। जो व्यक्ति देनदार हैं, वे पैसे नहीं दे रहे थे, जबकि लेने वाले हर रोज तंग कर रहे थे। इसी से परेशान होकर उसके पिता ने आत्महत्या की है। जांच अधिकारी एएसआई पारस कुमार ने बताया कि पुलिस ने शिकायतकर्ता के बयान पर आरोपी सुरेश गर्ग और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ अधिनियम 306 सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसएचओ सिटी शिव कुमार ने बताया कि आढ़ती को करीब डेढ़ से दो करोड़ रुपये लेने थे। करीब-करीब इतने ही देने थे। अपने सुसाइड नोट में भी आढ़ती ने यही लिखा है कि लोग उनसे पैसे मांगने के लिए आते हैं, लेकिन उनके पास पैसे नहीं हैं। जिनसे पैसे लेने हैं, वे दे नहीं रहे हैं। इसलिए उनके पास दो रास्ते हैं। या तो फरार हो जाएं या फिर सुसाइड कर लें। भागना मुझे अच्छा नहीं लगा। मेरी मौत के बाद मेरे बच्चों को तंग न किया जाए। एसएचओ ने बताया कि सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि उसके दिल्ली में करीब एक करोड़ रुपये का व कैथल में करीब 30 लाख रुपये के दो प्लाट हैं। जिन्हें बेचकर उसके बच्चे पैसे दे देंगे। मेरे बच्चों को तंग मत करना। आत्मग्लानी में वह आत्महत्या कर रहे हैं।
एक ओर जहां वीरवार को एक आढ़ती ने लेन-देन को लेकर आत्महत्या कर ली। वहीं, दूसरी ओर एक आढ़ती वीरवार की सुबह ही फरार हो गया। उसके घर व दुकान पर ताला लगा है। मंडी सूत्रों के अनुसार करीब करीब पांच से छह करोड़ रुपये का लेन-देन छोड़कर यह आढ़ती फरार हुआ है। लोग आढ़ती के सुसाइड और फरार हुए आढ़ती के मामले को भी एक साथ जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन किसी तरह की पुष्टि नहीं हो पाई। अलबत्ता आढ़तियों में इस बात की दहशत जरूर हो गई है कि वे अब किस विश्वास के साथ एक दूसरे के साथ लेन-देन करें। पूर्व में कई आढ़ती फरार हो चुके हैं। एक आढ़ती ने लेन-देन से ही आहत होकर सुसाइड कर लिया और एक आढ़ती वीरवार की सुबह घर व दुकान से लापता है।
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम लाल गर्ग ने कहा कि उन्हें पता चला है कि लेन-देन को लेकर मंडी से एक आढ़ती ने सुसाइड किया है। उन्हें कितना लेन-देन था। यह उन्हें जानकारी नहीं है। एक आढ़ती के फरार होने की भी सूचना मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें