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Kaithal News: चौपाल के मलबे की बिक्री के लिए विवाद, 84 हजार के मलबे को 6100 में बेचने का आरोप

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कलायत। कलायत के गांव भालंग में सामान्य चौपाल के मलबे की बिक्री के लिए ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों पर आरोप लगे हैं। इस संबंध में ग्रामीण कृष्ण गिर ने सरपंच पर 84 हजार रुपये के मलबे को महज 6100 रुपये में अपने चहेतों को बेचने के आरोप लगाए हैं। सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान से जुड़े मामले में कार्यवाही की मांग के लिए मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री, जिला समाधान शिविर व अन्य स्तरों पर शिकायत की गई है।
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शिकायतकर्ता ने ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और इसके लिए जिम्मेवारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार गांव की सामान्य चौपाल के मलबे की अनुमानित कीमत करीब 84 हजार रुपये थी लेकिन ग्राम पंचायत की ओर से इसे मात्र 6,100 रुपये में बेच दिया गया। मलबे की वास्तविक कीमत का उचित आंकलन नहीं करवाया गया। बिक्री प्रक्रिया में भी निर्धारित नियमों की अनदेखी की गई। कृष्ण गिर ने आरोप लगाया कि चहेतों को लाभ प्रदान करने के लिए बिक्री की सूचना को ग्रामीणों से छिपाकर रखा गया। इसके कारण बोली दाताओं को सही ढंग से जानकारी नहीं मिल पाई। शिकायत में पंचायत प्रतिनिधियों और पंचायती राज विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ग्राम सचिव और सरपंच ने कथित तौर पर मिलीभगत कर चौपाल का मलबा अपने ही रिश्तेदार को सस्ते दामों पर बेच दिया।
पारदर्शिता से पूरा करवाया बोली कार्य :
सरपंच सतीश कुमार के अनुसार ग्राम पंचायत ने पारदर्शिता से चौपाल भवन के मलबे की बोली करवाई है। इसमेंं किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया। जो लोग बोली में हाजिर हुए उनकी हाजिरी लगवाते हुए प्रक्रिया को पूरा करवाया गया। किसी तरह के गोलमाल के आरोपों को उन्होंने सिरे से खारिज किया।
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