कैथल। जिला परिषद भवन में करीब 13 महीने बाद हुई सदन की बैठक में करीब चार घंटे तक विकास के मुद्दों पर चर्चा हुई। यह सदन की बैठक सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई तो शाम करीब चार बजे तक जारी। बैठक में कई मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा तो की गई, लेकिन अब बैठक में उठे मुद्दाें पर कितना काम हो सकता है। यह तो समय ही बताएगा।
इस दौरान सभी वार्डों के पार्षदों ने एक-एक कर अपने गांवों की समस्याएं बताई। सदन की बैठक में पूंडरी से भाजपा विधायक सतपाल जांबा भी मौजूद रहे। समस्याओं को सदन में रखते हुए पार्षदों ने अधिकारियों पर काम न करने भी खूब आरोप लगाए। हालांकि सदन की बैठक के दौरान अधिकारियों के ध्यान न देने की सूरत में अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने मुख्यमंत्री को सीधा शिकायत देने की बात कही।
पार्षदों का कहना था कि अधिकारियों की ओर से समय पर विकास कार्य न करवाने की स्थिति में उनके वार्ड में आने वाले गांव के लोगों को लोगों को काफी परेशानियां होती है। वहीं, इस सदन की बैठक में कई पार्षदों की बजाय उनके प्रतिनिधियों ने समस्याएं रखी।
इस पर अधिकारी और अध्यक्ष दोनों की अलग-अलग राय मिली। अधिकारी का तो कहना था कि नियमानुसार प्रतिनिधि समस्याएं नहीं रख सकते हैं। जबकि अध्यक्ष का कहना था कि अनुमति के अनुसार यदि पार्षद सदन में अपनी बात रखने में अक्षम हो तो उनके स्थान पर प्रतिनिधि अपनी बात आसानी से रख सकते हैं। सदन की बैठक में एक आम आदमी को भी अपनी बात रखने का अधिकार है। जिला परिषद की ओर से इसको लेकर भी अनुमति दी गई है।