संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कोठी गेट स्थित बाल उपवन आश्रम में शुक्रवार को जिले के अधिकारियों की बैठक को हरियाणा बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य मीना शर्मा ने संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हमें सरकार ने बाल हित के संदर्भ में जो जिम्मेदारियां सौंपी हैं, उनका पूरी ईमानदारी और निष्ठा से निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि वे सर्वे करवाते हुए स्कूल से बाहर विद्यार्थियों का स्कूल में दाखिला करवाना सुनिश्चित करें। यदि कोई भी विद्यार्थी भीख मांगता दिखाई दे तो तुरंत इसकी बाल कल्याण समिति को दें ताकि उसे स्कूल में भेजते हुए समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा सके। इसके उपरांत जेजे बोर्ड के सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता अरिवंद खुरानिया एडवोेकेट ने अधिकारियों व कर्मचारियों को जेजे एक्ट व पॉक्सो एक्ट से संबंधित विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बाल व महिला हित पर कैथल की टीम सराहनीय कार्य कर रही है।
मीना शर्मा ने बाल हित में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए आपस में तालमेल से कार्य करने का आह्वान किया। यह भी कहा कि हमें बाल हित को लेकर ड्यूटी समय के अलावा हर समय अपनी आंख व कान खोलकर रखने चाहिए। यदि किसी भी बच्चे या महिला पर कोई अत्याचार दिखाई देता है तो तुरंत इसकी सूचना उन्हें या जिला बाल कल्याण समिति को दें। इसके उपरांत उन्होंने बाल उपवन आश्रम सीसीआई और विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी का भी निरीक्षण किया और बच्चों को दी जा रही सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने रसोई में बन रहे खाने को भी खाकर चेक किया।
सभा के प्रधान रविभूषण गर्ग ने बताया कि सभा द्वारा समाजसेवी की दृष्टि से बाल आश्रम और वृद्ध आश्रम चलाए जा रहे हैं। यहां पर बच्चों तथा वृद्धों को सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं। इस अवसर पर सनातन धर्म सभा के प्रधान रविभूषण गर्ग, डीएसपी ललित कुमार, बाल कल्याण समिति के चेयरमैन राणा बंसल, सदस्य मोर राजेश, प्रदीप कुमार, कृष्ण शर्मा, अनु जिंदल, प्रदीप कुमार, डीसीपीयू से पीओआइसी कोमल, सुरेश कुमार, नरेश कुमार आदि उपस्थित रहे।