कैथल। हरियाणा की नायब सैनी सरकार द्वारा प्रस्तुत वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर किसानों में नाराजगी और निराशा देखने को मिल रही है। विभिन्न किसान संगठनों के पदाधिकारियों और किसानों ने कर्जमुक्ति और एमएसपी पर घोषणा न होने से निराशा जताई।
उनका कहना है कि बजट में किसानों की प्रमुख समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नजर नहीं आते। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट और प्रभावी निर्णय नहीं लिए जाते, तब तक बजट से वास्तविक राहत मिलना संभव नहीं है।
किसान कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है, लेकिन कर्जमुक्ति पर घोषणा नहीं की गई। जिस राहत की अपेक्षा किसान कर रहे थे, उस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया, यह धोखे से कम नहीं है।— होशियार गिल, प्रदेश संयोजक, भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर।
फसलों के विविधिकरण और भूजल रिचार्ज के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान अच्छी पहल है, लेकिन जब तक एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी नहीं दी जाती, तब तक विविधिकरण की बात व्यवहारिक नहीं है। -विक्रम कसाना, युवा प्रदेशाध्यक्ष, भाकियू (चढ़ूनी)।