संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय स्थित सभागार में एडीसी दीपक बाबू लाल करवा ने वीरवार को प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों की बैठक ली। इसमें एडीसी ने अधीनस्थों को नए सत्र में किताबों आदि से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी स्कूल संचालक किसी भी अभिभावक व विद्यार्थी को प्राइवेट प्रकाशक की किताबें लेने के लिए बाध्य न करें और न ही स्कूल में किताबें विक्रय करें।
एडीसी दीपक बाबू लाल करवा ने कहा कि अगर कोई भी निजी स्कूल संचालक ऐसा करता है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लगवाएं। अभिभावकों को किसी निर्धारित किताबों की दुकान से पुस्तक लेने के लिए स्कूल द्वारा अनुशंसा न की जाए। स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी एडीसी के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। इसके अलावा एडीसी ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों से आह्वान किया कि हरियाणा उदय कार्यक्रम के तहत नशे के खिलाफ आयोजित होने वाली साइक्लोथॉन यात्रा में स्वयं भी इसमें भाग लें और विद्यार्थियों की भी अधिक से अधिक भागीदारी करवाएं।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा जिला कैथल में 22 अप्रैल को ढांड में प्रवेश करेगी। इसके बाद यह यात्रा फरल, पूंडरी व मूंदड़ी से होते हुए 23 अप्रैल को कलायत से जींद जिले की ओर रवाना होगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में भाग लेने के लिए वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करवाएं।
एडीसी ने कहा कि साइक्लोथॉन यात्रा का शुभारंभ पांच अप्रैल को हिसार से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी हरी झंडी दिखाकर करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करना है। यात्रा का समापन सिरसा जिले में 27 अप्रैल को होगा। इस मौके पर सीटीएम गुरविंद्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी रामदिया गागट, डीडीपीओ कंवर दमन, डीएसपी बीरभान, जिला कल्याण अधिकारी सीमा के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
कुपोषण के मूल कारणों का पता लगाया जाए
कैथल। कुपोषण मुक्त गांव अभियान के तहत लघु सचिवालय के सभागार में हुई बैठक में एडीसी ने कुपोषित बच्चों में कुपोषण के मूल कारणों का पता लगाने की बात कही। न्होंने नए चयनित गांव मानस, बाबा लदाना, कमालपूर, सेरधा, खुरड़ा, डोहर, ढांड, मुन्ना रेहड़ी, बदनारा, अगौंध, बलवंती, टीक गांव के सभी सुपरवाइजरों को इस संदर्भ में निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग कुपोषित बच्चों के परिजनों के साथ व्यक्तिगत परामर्श करें ताकि उनमें व्यवहारिक बदलाव लाया जा सके। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजरों से ग्रामीण स्तर पर किए गए कार्यों का ब्योरा लिया गया। संवाद