कलायत निवासी छह वर्ष का कर्तव्य एक वर्ष में ही जीत चुका है 11 स्वर्ण पदक और चार ओवरआल ट्राफियां
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। छह वर्ष का बच्चा कर्तव्य भारद्वाज तैराकी में अब तक 11 स्वर्ण पदक व चार ट्राफियां जीत कर कैथल का नाम रोशन किया है। हाल ही में बहादुरगढ़ में आयोजित हरियाणा तैराकी प्रतियोगिता में भाग लेते हुए कर्तव्य ने दो स्वर्ण पदक और एक श्रेष्ठ तैराक की ट्रॉफी केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के हाथों से प्राप्त की। अपने पोते की इस उपलब्धि पर कलायत निवासी डाॅ. चंद्रप्रकाश भारद्वाज अपने पोते व परिवार को लेकर भगवान कपिल की पूजा के लिए पहुंचे।
डाॅ. चंद्रप्रकाश भारद्वाज पीएचडी हैं और मोटिवेटर के तौर पर रेवाड़ी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया की उनका बेटा रेलवे में उच्च पद पर नौकरी करता है। उनके पोते कर्तव्य भारद्वाज को बचपन से ही तैराकी का शौक रहा। उसके शौक को बढ़ावा देने के लिए उसके पिता ने तैराकी के प्रशिक्षण के लिए उसे दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में भेजा। पांच वर्ष की उम्र में ही कर्तव्य ने अपने आयु वर्ग की तैराकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। उन्होंने बताया की वह फ्री स्टाईल, बैक स्ट्रोक व बटरफ्लाई स्ट्रोक सभी विधाओं में पारंगत है। एक वर्ष के भीतर कर्तव्य ने 12 स्वर्ण पदकों के साथ 4 ट्राफियां हासिल की हैं।
कर्तव्य के पिता राहुल भारद्वाज ने कहा कि बहादुरगढ़ में आयोजित तैराकी प्रतियोगिता में उनके बेटे ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक के साथ साथ तैराकी की तीनों विधाओं की ओवरआल ट्राफी हासिल की। राहुल ने कहा कि ओलंपिक खेलों में भी वही बच्चे पदक लाने में समर्थ हैं जिन्होंने बचपन से एक लक्ष्य बनाकर लगातार प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि देश में पदकों की बौछार हो सकती है यदि सभी बच्चे बचपन से किसी भी खेलों में समर्पित होकर उसकी तैयारी करें।