गांव बात्ता में बाबा राजपुरी मेला शुरू, 562 वर्ष पुराना है धार्मिक डेरे का इतिहास
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। चंडीगढ़-हिसार राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित गांव बात्ता के बाबा राजपुरी डेरा वार्षिक मेला आज से शुरू हो गया। मेले में गांव बात्ता व दूर दराज से बड़ी संख्या में पहुंचने श्रद्धालु बाबा राजपुरी व मां हिंगलाज की पूजा की और मन्नतें मांगी। ये जानकारी डेरा महंत बाबा नरेश पुरी ने दी।
उन्होंने बताया कि बाबा राजपुरी डेरा, गोशाला व दयोल में 21 मूर्तियों की स्थापना का कार्य पूरा हो चुका है। उन्होंनेबताया की ऐेतिहासिक सिद्ध बाबा राजपुरी धार्मिक डेरे में धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला अष्टमी दिवस से जारी हो जाता है। उन्होंने बताया कि नवमी के दिन कन्या पूजन के साथ ही तीन दिवसीय मेला की शुरूआत होती है। विजय दशमी को बाबा की ध्वजा चढ़ाने के साथ ही मेले की असली शुरूआत हो जाती है। एकादशी पर देश की सांस्कृतिक विविध संस्कृतियों को एकता के सूत्र में पिरोते हुए सभी राज्यों की संस्कृतियों पर आधारित मेले का आयोजन होता है। उन्होंने बताया की श्रद्धालु बाबा की समाधि पर दूध बताशों के साथ पूजा करते हैँ। इसमें महिलाएं व बच्चे जमकर खरीददारी करते हैं। इस दौरान दंगल में पहलवान दमखम दिखाते हैं। तीसरे दिन बाबा राजपुरी डेरा की और से सामूहिक भोज की व्यवस्था का आयोजन किया जाता है। उन्होंने बताया कि डेरा 562 वर्ष पुराना है। बाबा राजपुरी का जन्म बाबा लदाना में हुआ था और बात्ता उनका गुरुस्थान है जहां बाबा सरस्वती पुरी से उन्होंने शिक्षा व दीक्षा ग्रहण की थी। बाबा लदाना को पूजा के लिए जाना जाता है। वहां 24 घंटे लगातार ज्योति जलती है और तीन बार पूजा का आयोजन होता है।
उन्होंने बताया कि सिद्ध बाबा राजपुरी मां हिंगलाज के प्रताप से ही सिद्ध हुए। मान्यता है कि बाबा राजपुरी के लिए सुबह तीन बजे हुक्का ताजा करके रखा जाता है जो बाबा के द्वारा पीया हुआ मिलता है। गांव बात्ता में जहां बाबा की समाधि है उसे दयोल के नाम से जाना जाता है। इसी परिसर में मेला का आयोजन होता है। प्रबंध समिति सदस्यों संजीव भारद्वाज, शिव कुमार, प्रदीप राणा, जसवंत सिंह, पवन सरपंच, साहिब सिंह, किरण पाल राणा आदी ने बताया कि डेरा के पास 250 एकड़ भूमि थी। समाज सेवा के हर कार्य में बाबा राजपुरी डेरा सदैव अग्रणी रहता है। गांव के सरकारी स्कूल, अस्पताल, पशु अस्पताल, वाटर सप्लाई, स्टेडियम व पावर हाउस आदी के लिए भूमि बाबा राजपुरी डेरा की और से उपलब्ध करवाई गई।
2केएलटी46: कलायत के गांव बात्ता में सिद्ध बाबा राजपुरी डेरे के मुख्य महंत नरेश पुरी श्रद्धालुओं के साथ
2केएलटी47: मेला स्थल का विहंगम दृश्य