संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। नगर की पावन स्थली श्रीश्री 1008 नागा बाबा की तपोभूमि डेरा नागा बाबा योग आश्रम में इन दिनों श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दौरान वीरवार को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव और श्रीराम अवतार उत्सव को भव्य रूप से मनाया गया।
कथावाचक आचार्य गिरधारी भैय्या ने कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने अधासुर वध, पूतना वध, शकटासुर वध, तृणावर्त वध और कंस उद्धार जैसी दिव्य लीलाओं को विस्तार से सुनाया। जब उन्होंने कृष्ण जन्म की कथा का वर्णन किया, तो पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, के जयकारों से गूंज उठा। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं जैसे माखन चोरी, ग्वाल-बाल संग रास, बाबा नंद की कारागार से मुक्ति, गोवर्धन पूजा, कालिया नाग दमन की कथा सुनाई।
जब उन्होंने यह प्रसंग सुनाया कि कैसे नन्हे श्रीकृष्ण ने अपनी माता यशोदा को अपने मुख में संपूर्ण ब्रह्मांड के दर्शन कराए, तो श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। कथा के दौरान भगवान श्रीराम के अवतार की दिव्य कथा का भी वर्णन किया गया।
अयोध्या में श्रीराम जन्मोत्सव, राजा दशरथ का हर्ष, माता कौशल्या का वात्सल्य, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, जनकपुरी आगमन, धनुष भंग और सीता स्वयंवर जैसी घटनाओं को सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
कथा प्रसंग दौरान आचार्य गिरधारी भैय्या ने अपनी मधुर वाणी और गहरी आध्यात्मिकता से कथा को जीवंत बना दिया। उन्होंने भगवान के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश देते हुए बताया कि श्रीकृष्ण और श्रीराम की लीलाएं हमें धर्म, सत्य, करुणा और प्रेम का संदेश देती हैं। मुख्य यजमान दर्शन कुमार और कमलेश रहे। कथा में महंत रामदास, रमेश शास्त्री, आनंद शर्मा, कृष्णा, कृष्ण गर्ग, नरेंद्र, शीशपाल बंसल, अशोक कथूरिया, कर्मवीर और ओमप्रकाश आदि उपस्थित रहे।