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बेसहारा पशु : ज्यों-ज्यों दवा की, मर्ज बढ़ता गया

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39-कैथल। ढांड रोड पर सड़क बीच बैठे हुए गोवंश व पास से गुजरते हुए वाहन। - फोटो : Kaithal
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कैथल। शहर की नई सरकार की प्राथमिकताओं में शुमार बेसहारा पशुओं की समस्या घटने के बजाय बढ़ती जा रही है। बारिश में पशुओं को नंदीशाला में भेजने का काम ठप हो गया है और पशुओं की बढ़ती तादाद कई समस्याओं का सबब बन चली है। सड़कों पर जगह-जगह डेरा जमाए बेजुबान जहां सड़क दुर्घटनाओं में लोगों के घायल होने की वजह बने हैं, वहीं खुद भी जख्मी होकर इधर-उधर घूमने को विवश रहते हैं।
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शहर की सड़कों पर बेसहारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नगर परिषद की ओर से नंदीशाला में पशु भेजने का काम बारिश के कारण बंद हो गया है। नंदीशाला में बारिश में चारा खराब होने और संसाधनों की कमी के कारण समिति ने कुछ दिनों की मोहलत मांगी है। इससे पशुओं को हटाने का काम शुरू होने के तीन-चार दिन बाद ही बंद हो गया।
शहर के चीका रोड, खनौरी रोड, पुराना बस अड्डा, करनाल रोड बाइपास, जाखौली अड्डा, ढांड रोड, करनाल रोड, अंबाला रोड, अमरगढ़ गामड़ी, चंदाना गेट, प्रताप गेट, सीवन गेट, डोगरा गेट, शक्ति नगर, माता गेट, खुराना रोड, माडल टाउन में बेसहारा गोवंश होने की समस्या सबसे ज्यादा है। एक अनुमान के मुताबिक शहर की सड़कों पर एक हजार के आसपास पशु विचरण करते देखे जा सकते हैं। नगर परिषद के गठन के बाद हाउस की पहली बैठक में इस समस्या के समाधान पर चर्चा भी हुई थी। फिर भी अब तक इस दिशा में समाधान के लिए कोई काम शुरू नहीं हो पाया।
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शहरवासी राजू, विजय, राजेश आदि ने कहा कि पशुओं के कारण सड़कों पर रोज हादसे हो रहे हैं। काले रंग का पशु सड़क पर नजर नहीं आता। ऊपर से कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट भी बंद है। इससे अंधेरा रहता है और एकदम से वाहनों के सामने पशुओं के आने से हादसे हो रहे हैं। कहा कि इस समस्या का शीघ्र समाधान कराना चाहिए।
शहर में नई सरकार बनने के बाद जोरशोर से पशुओं को नंदीशाला भेजने का काम शुरू हुआ था, लेकिन बारिश में नंदीशाला में हुए चारे के संकट ने इस काम को भी रोक दिया। यहां शेड लीक होने के कारण तूड़ा खराब हो गया, जिससे समिति ने प्रशासन से कुछ दिनों की मोहलत मांगी है।
नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने कहा कि नंदीशाला में पशुओं को भेजने के काम में बारिश के कारण दिक्कत आई है। डीसी से मिलकर समस्या पर विचार किया है। नई गोशाला बनाने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। यहां रखे जाने वाले पशुओं के लिए सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर चारे का प्रबंध किया जाएगा। इसके बाद ही समस्या समाधान हो पाएगा। इसके लिए शहरवासियों के सहयोग की आवश्यकता है।
गोरक्षा दल की टीम संभाल रही घायल गायों को
नगर परिषद के बजाय गोरक्षा दल की टीम गायों की संभाल रही है। लोगों के साथ वाहनों की चपेट में आने से गोवंश भी चोटिल हो रहे हैं। गोरक्षा दल की टीम की ओर से चंदाना गेट पर एक गो चिकित्सालय भी खोला है, जिसमें इन गोवंशों का उपचार किया जाता है।
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