संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के अस्पतालों में दांत के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थिति यह है कि रोजाना ओपीडी का आंकड़ा 160 से अधिक पहुंच रहा है। डॉक्टरों के अनुसार सबसे ज्यादा मरीज मसूढ़ों से खून आना और दांत दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
ओपीडी में आने वाले कई मरीज जबड़े में दर्द, मुंह खोलने में परेशानी और दांतों में झनझनाहट जैसी समस्याएं भी बता रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक दांतों की अनदेखी और समय पर इलाज न कराना इन समस्याओं को गंभीर बना देता है।
डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों और बुजुर्गों में दंत रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। बच्चों में दांतों में कीड़े लगना और टेढ़े-मेढ़े दांत आम समस्या बन गई है, जबकि बुजुर्गों में मसूड़ों की कमजोरी, दांत हिलना और दर्द अधिक देखने को मिल रहा है।
एक साल में 1764 मरीज पहुंचे : अस्पताल रिकॉर्ड के अनुसार पिछले एक वर्ष में दांत के रोग से जुड़े 1764 मरीज इलाज के लिए पहुंचे हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि लोगों में दांतों की देखभाल को लेकर जागरूकता की कमी अभी भी बनी हुई है।
दंत रोग से बचाव के उपाय के बारे में डॉ. सागर ने बताया कि दिन में कम से कम दो बार ब्रश करना चाहिए। भोजन के बाद कुल्ला करें। मीठे और चिपचिपे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें। हर 6 महीने में दंत चिकित्सक से जांच करवाएं। तंबाकू, गुटखा और धूम्रपान से दूरी बनाएं। बच्चों को छोटी उम्र से ही दांतों की सफाई की आदत डालें। अत्यधिक कठोर/मिट्टी जैसे पदार्थों के सेवन से बचना चहिए।
दांतों की समस्या के कारण
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नियमित ब्रशिंग की कमी- दिन में दो बार ब्रश न करना
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गलत खानपान- अधिक मीठा, जंक फूड और ठंडी-गर्म चीजों का सेवन
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मुंह की सफाई में लापरवाही- खाने के बाद कुल्ला न करना
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तंबाकू और गुटखा सेवन- मसूड़ों व दांतों को नुकसान
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समय पर इलाज न कराना- छोटी समस्या को नजरअंदाज करना
दांतों की समस्याओं को नजरअंदाज करना आगे चलकर गंभीर रूप ले सकता है। समय पर जांच और सही देखभाल से अधिकांश दंत रोगों से बचाव संभव है। बढ़ती ओपीडी इस बात का संकेत है कि लोगों को अपनी दिनचर्या में दंत स्वच्छता को प्राथमिकता देनी चाहिए, ताकि भविष्य में बड़ी समस्याओं से बचा जा सके।
-डॉ. सागर गोयल
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