संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के सदस्यों ने सोमवार को किसान भवन में बैठक की। इसके बाद सैंकड़ों किसानों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया। इसमें पराली जलाने वाले किसानों को गिरफ्तार करने और ब्लैकलिस्ट करने के फरमान को वापस लेने की मांग की।
किसान भवन में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) की हलका स्तरीय बैठक भाकियू जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह फरल व हल्का प्रधान रणधीर बरसाना की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का संचालन युवा जिलाध्यक्ष विक्रम दुसैण ने किया। बैठक के बाद युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
बैठक को संबोधित करते हुए भाकियू युवा प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना एडवोकेट ने मौजूदा भाजपा सरकार को किसान विरोधी करार दिया। नाराजगी जताते हुए कहा कि पराली जलाए जाने पर दो साल तक किसानों की फसल एमएसपी पर न खरीदना व एफआईआर दर्ज करना भाजपा सरकार का किसान विरोधी होने का पुख्ता सबूत है। भाकियू (चढूंनी) सरकार के इस किसान विरोधी तुगलकी फरमान की कड़े शब्दों में निंदा करती है। सरकारी कदम से किसानों में भारी रोष है।
जिलाध्यक्ष गुरनाम सिंह फरल ने कहा कि भाकियू (चढूनी) सरकार मांग करती है कि जिले में जिन किसानों पर पराली जलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है उसको तत्काल प्रभाव से रद्द करने के साथ सरकार द्वारा किसानों के खिलाफ जारी किया गया तुगलकी फरमान भी वापस लिया जाए, नहीं तो भाकियू सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने पर विवश होगी।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं किसानों को निरंतर पराली ना जलाने के लिए जागरूक कर रहे है और सरकार को भी चाहिए की किसानों पर एफआईआर दर्ज करने की बजाए किसानों की हर संभव मदद करें, ताकि किसान पराली जलाने की प्रथा को बिल्कुल समाप्त कर दें।
किसान पराली का प्रयोग कर इससे अपनी आय बढ़ाने की दिशा में काम करें। किसान पहले ही अपनी मांगों व फसलों को एमएसपी पर बेचने के लिए लगातार आंदोलन व संघर्षरत है और हर बार फसली सीजन में किसानों को अपनी फसलें बेचने के लिए आंदोलन के रूप में सड़कों पर उतरना पड़ता है।
बैठक में ढांड ब्लाक प्रधान पिरथी कौल, ओमप्रकाश चदंलाना, राजेश पूंडरी, सतपाल पूंडरी, हरजिंद्र हाबडी, रामपाल मूंदडी, बलविंद्र हजवाना, सुभाष बरसाना, शीलू बाकल, नरेंद्र फरल, संजय म्यौली, सतपाल ग्याेंग, आशू कौल, सुनील गोलन, विनोद बरसाना आदि मौजूद रहे।