स्कूल में बच्चों को आयतन का सिद्धांत समझाते हुए डीसी। डीआईपीआरओ
कैथल। डीसी अपराजिता ने फ्रांसवाला स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय का दौरा किया और जॉयफुल एक्टिविटी में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक भूमिका से आगे बढ़कर एक शिक्षक की भूमिका निभाई और बच्चों को रोचक तरीके से विज्ञान पढ़ाया। साथ ही डीसी ने एक कक्षा में बच्चों की स्कूल प्रबंधन समिति बनाकर स्कूल के विकास पर चर्चा की तो बच्चों ने कई रचनात्मक सुझाव दिए। निरीक्षण के दौरान डीसी सीधे कक्षा में पहुंचीं और बच्चों को प्रयोगात्मक तरीके से पढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने पानी से भरी बाल्टी में विभिन्न वस्तुएं डालकर विद्यार्थियों को घनत्व और आयतन का सिद्धांत समझाया। इस सरल प्रयोग के माध्यम से बच्चों ने जाना कि कौन-सी वस्तुएं पानी में तैरती हैं और कौन-सी डूब जाती हैं, तथा इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण क्या है। डीसी ने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने स्टोरी क्रिएशन और क्ले मॉडलिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से सीखने को रोचक बनाने के सुझाव दिए। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार, डीआईपीआरओ नसीब सैनी, उप जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद राणा, एआईपीआरओ अमित कौशिक, जिला विज्ञान विशेषज्ञ छत्रपाल, अधीक्षक सुरेश शर्मा मौजूद रहे।
बेंचों की मरम्मत, पंखों में सुधार के निर्देश
एक्टिविटी के दौरान डीसी ने विद्यार्थियों की स्कूल प्रबंधक कमेटी गठित की और उनसे स्कूल में सुधार के लिए सुझाव मांगे। बच्चों ने खुलकर अपनी बात रखी और जरूरतें बताई। जिसमें स्कूल में सीसीटीवी कैमरे, बेंचों की मरम्मत, पंखों की धीमी गति में सुधार तथा हिंदी शिक्षक के रिक्त पद को भरने के सुझाव शामिल थे। अपराजिता ने कहा कि बच्चों के सुझाव सबसे ईमानदार होते हैं और स्कूल के विकास में उनकी भागीदारी जरूरी है। वे अपनी जरूरतें अच्छे ढंग से बता सकते हैं। जरूरत है, उनसे जुड़कर बातचीत करने की। उन्होंने मौके पर ही जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जो भी काम ज्यादा जरूरी है, उसे प्राथमिकता के आधार पर करवाएं। शेष कार्यों को पूरा करवाने के लिए भी प्रक्रिया शुरू करें।