संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला परिषद सभागार में बुधवार को हुई बैठक में उप-अध्यक्ष प्रतिनिधि कर्मबीर फौजी का कमर पर पिस्तौल टांगकर पहुंचना अब उनके लिए मुसीबत बनता दिखाई दे रहा है। मामले में डीसी ने संज्ञान लेते हुए बैठक में मौजूद डीएमसी कपिल शर्मा को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि वह बैठक में किसकी अनुमति से पहुंचे, क्योंकि बैठक में केवल चुने हुए पार्षद और चेयरमैन ही शामिल हो सकते हैं, प्रतिनिधि नहीं।
जिला परिषद के डिप्टी सीईओ सुमित चौधरी के अनुसार, डीसी ने शुक्रवार को आयोजित एक बैठक में स्पष्ट किया कि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। डीएमसी कपिल शर्मा जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे, जिसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि प्रतिनिधि बैठक में आ ही नहीं सकते और उस पर भी हथियार लेकर पहुंचना नियमों के पूरी तरह खिलाफ है।
ये था पूरा मामला
जिला परिषद सभागार में बुधवार को आयोजित बैठक में उप-अध्यक्ष प्रतिनिधि कर्मबीर फौजी पिस्तौल के साथ पहुंचे और विकास कार्यों पर अपनी बात रखने लगे। बैठक में मौजूद पार्षदों और अन्य प्रतिनिधियों ने यह दृश्य
देखा तो कुछ देर के लिए सभी हैरान रह गए। किसी ने इसका वीडियो भी बना लिया, जो बाद में इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया।
कुछ पार्षदों ने दबी आवाज में इस घटना को नियमों के विरुद्ध बताया। उनका कहना था कि कई बार बैठकों में गर्मागर्मी बढ़ जाती है, ऐसे में बैठक में हथियार का पहुंचना किसी भी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। अधिकारियों का मानना है कि प्रशासन को भविष्य में ऐसी स्थितियों पर सख्ती से नजर रखनी चाहिए। इस बारे में कर्मबीर फौजी ने सफाई देते हुए कहा कि वह बैठक में जाने के लिए देर से पहुंचे थे और जल्दबाजी में पिस्तौल की बेल्ट उतारना भूल गए। उनका दावा है कि पिस्तौल वह कार में ही छोड़ आए थे, और उन्हें पता है कि बैठक में हथियार ले जाना गलत है, लेकिन यह अनजाने में हो गया।