दिल्ली की एक फूड्स कंपनी ने नई अनाज मंडी कलायत के आढ़तियों के साथ धान खरीद के नाम पर 6.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी कर दी। कंपनी ने छह साल पहले आढ़तियों को कुवैत समेत अन्य देशों में चावल निर्यात करने के लिए धान खरीदा, लेकिन उसकी राशि का भुगतान आज तक नहीं किया। आढ़तियों ने छह साल बाद पुलिस में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में आढ़ती जोगध्यान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि कलायत अनाज मंडी में उसकी कमीशन एजेंट की दुकान है। गुरुग्राम निवासी कर्ण चानना, अनिल चानना, राधिका चानना, राजेश अरोड़ा, अनीता डेंग, अर्पना पुरी, राहुल सूद, अनिल गुप्ता, श्याम फोडार व मानव अकाउंटेंट अमीरा प्योर फूड्स के डायरेक्टर व पदाधिकारी हैं। उनका महरौली दिल्ली में हेड ऑफिस है। वर्ष 2014 में अमीरा प्योर फूड्स के मालिकों ने कलायत अनाज मंडी में उसकी दुकान पर संपर्क किया और अपनी कंपनी के निर्यात के बारे में बताया। आरोपियों ने मंडी एसोसिएशन की सभी शर्तें मानकर धान खरीदने की बात कही। उसके बाद राजेश अरोड़ा डायरेक्टर ने उनकी बैठक कंपनी के मुख्यालय में करण चानना से करवाई। कर्ण चानना ने बताया कि वे कुवैत व विश्व के अन्य देशों में चावल निर्यात करते हैं। इसके लिए उन्हें धान की ज्यादा से ज्यादा आवश्यकता होती है। कर्ण चानना ने अपनी कंपनी के अन्य डायरेक्टर के बारे में बताया और कहा कि ये सभी उनके परिवार के सदस्य हैं। आरोपियों ने उनसे धान देने की विनती की। इस पर उसने कलायत मंडी में आढ़तियों से बातचीत की। कंपनी ने अपना परचेजर भेजकर धान सीजन 2014-2015 में आढ़तियों से धान खरीद कर ली। आरोपियों ने सभी आढ़तियों से लगभग 9 हजार 290 क्विंटल धान खरीदा। जिसकी ब्याज सहित लगभग 6 करोड़ 15 लाख 14 हजार 360 रुपये राशि आज भी बकाया है। आरोपियों के खिलाफ सिरसा, निगदू, ऐलानाबाद, पिपली, रादौर, मतलोढा, जींद, जुलाना, नरेला, इंद्री, कैथल, पूंडरी, गोहाना व चीका मंडी में भी मामले दर्ज हैं। आरोपी गबन करके विदेश भागने की ताक में हैं। जब वे धान की राशि मांगने जाते हैं तो कंपनी के मालिक उन्हें जान से मारने की धमकी देते हैं।