लघु सचिवालय स्थित ई-दिशा केंद्र में पिछले 14 दिन से वेबसाइट बंद पड़ी है। ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आने वाले आवेदकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आवेदक आठ जनवरी से लघु सचिवालय के बार-बार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें कर्मचारियों से हर बार सिर्फ एक ही जवाब सुनने को मिलता है कि आज वेबसाइट बंद है, डाटा अपलोड नहीं हो रहा, फिर कभी आना। ऐसे में चक्कर पर चक्कर लगाने के बाद भी आवेदकों को बिना काम निपटाए ही वापस लौटना पड़ रहा है। वेबसाइट नहीं चलने के कारण 700 से भी ज्यादा आवेदकों के आवेदन लटके पड़े हैं।
लर्निंग व लाइट लाइसेंस बनवाने के लिए सचिवालय में रोजाना 50 से 60 युवा आवेदन करने के लिए पहुंच रहे हैं। वेबसाइट बंद होने के कारण किसी का भी काम नहीं हो पा रहा है। कार्यालय में बैठे कर्मचारी भी ऑनलाइन काम बंद होने के कारण ज्यादातर कागजी कार्रवाई पूरी करने में लगे रहते हैं। कभी कंप्यूटर पर वेबसाइट खोलकर देखते हैं तो कभी फिर से कागजी कार्रवाई में जुट जाते हैं। ऑनलाइन डाटा अपलोड नहीं होने के कारण आवेदकों को फिर से आने का समय दिया जाता है।
वेबसाइट पर ऑनलाइन डाटा करना होता है अपलोड
लाइसेंस बनवाने के लिए आने वाले आवेदक का ज्यादातर डाटा ऑनलाइन वेबसाइट पर अपलोड करना पड़ता है। नाम, पता, जन्मतिथि सहित काफी डाटा अपलोड होता है। यहां तक कि लाइसेंस को आधार से लिंक करने का कार्य भी किया जाता है। उसके बाद आवेदक का फोटो अपलोड किया जाता है।
कई दिनों बाद आया हूं, वेबसाइट आज भी बंद है
लाइसेंस बनवाने के लिए लघु सचिवालय पहुंचे शहरवासी नरेश ने बताया कि वह कुछ दिनों के अंतराल के बाद दूसरी बार लघु सचिवालय में आया है। पहले भी वेबसाइट बंद होने के कारण दिक्कत थी और आज भी वेबसाइट बंद पड़ी है। थोड़ी देर इंतजार करने के बाद फिर से ऐसे ही वापस लौटना पड़ेगा।
एक सप्ताह से आवेदन का प्रयास कर रहा हूं
लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने पहुंचे छोटा ने बताया कि एक सप्ताह से आवेदन का प्रयास कर रहा है। दो बार सचिवालय के चक्कर भी लगा चुका है, लेकिन अभी तक लाइसेंस नहीं बना है। लाइसेंस के लिए फोटो अपलोड करना जरूरी है, तभी लर्निंग लाइसेंस मिलेगा।
एसडीएम डॉ. संजय कुमार का कहना है कि वेबसाइट बंद होने के कारण थोड़ी दिक्कत आ रही है। इस बारे संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। अधिकारियों की ओर से समस्या का जल्द से जल्द समाधान करने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।