संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले के तीन खेलों से संबंधित छह खिलाड़ियों के डी-ग्रेड प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। इन प्रमाणपत्रों के फर्जी होने की आशंका के चलते खेल विभाग ने सख्ती दिखाते हुए सभी छह खिलाड़ियों को डाक द्वारा नोटिस भेजकर अपनी स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। यदि कोई खिलाड़ी
संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे पाता है, तो उसकी रिपोर्ट विभाग के मुख्यालय को भेजी जाएगी।
जानकारी के अनुसार, यदि खिलाड़ी संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में असफल रहते हैं और जांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाते हैं, तो उनकी रिपोर्ट खेल विभाग द्वारा मुख्यालय को भेज दी जाएगी। इससे इन छह खिलाड़ियों के डी-ग्रेड प्रमाणपत्र रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है।
मुख्यालय की ओर से जिला खेल अधिकारी को लिखे पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित खिलाड़ियों को बुलाकर पूछताछ की जाए और उनके प्रमाणपत्रों की सत्यता की जांच की जाए। मुख्यालय को मिली शिकायतों में आशंका जताई गई थी कि नियमों को दरकिनार कर कुछ खिलाड़ियों को डी-ग्रेड प्रमाणपत्र जारी किए गए हैं।
इसी के बाद विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिला खेल अधिकारी कार्यालय में जांच को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सभी खिलाड़ियों को दस्तावेजों के आधार पर प्रमाण पत्रों की वैधता सिद्ध करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। यदि कोई खिलाड़ी संतोषजनक जवाब नहीं देता या उसके दस्तावेज नियमों के अनुरूप नहीं पाए जाते, तो उसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी जाएगी।
मुख्यालय से निर्देश प्राप्त हुए हैं कि जिले के तीन खेलों से जुड़े छह खिलाड़ियों के डी-ग्रेड प्रमाण पत्रों की जांच की जाए। इसी के तहत संबंधित खिलाड़ियों को पत्र जारी कर बुलाया गया है। सभी खिलाड़ियों को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाएगा। जांच पूरी तरह निष्पक्ष और नियमों के अनुसार होगी। -राजरानी, जिला खेल अधिकारी, कैथल