संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जींद, खनौरी-पातड़ा और टोहाना रूट पर शाम के समय बसों की कमी से लोगों को सफर में परेशानी हो रही है। कैथल से जींद रूट पर शाम छह बजकर 40 मिनट के बाद लोकल बस सेवा नहीं है, जिसके कारण यात्रियों को निजी वाहनों पर निर्भर होना पड़ता है। निजी वाहन चालक रात के समय अपने मनमर्जी के किराए वसूलते हैं।
गौरतलब है कि रात के समय चंडीगढ़ से आने वाली लंबी दूरी की बसें जींद रूट के लोकल गांवों में नहीं रुकती हैं। इससे कई बार यात्रियों और चालक/परिचालक के बीच बहस भी होती है। शाम के समय देवबन, तितरम, तारागढ़ और सौंगरी-गुलियाना जैसे गांवों के सैकड़ों लोग कैथल में काम धंधा के लिए आते हैं और करीब आठ बजे उनकी छुट्टी होती है।
यात्री मांग कर रहे हैं कि जींद रूट पर आठ बजे के करीब लोकल बस सेवा का संचालन किया जाए या लंबी दूरी की बसों को स्थानीय गांवों में रुकने के आदेश दिए जाए। कैथल रोडवेज डिपो में बसों की संख्या भी कम है। वर्तमान में डिपो में 169 बसें ही रूटों पर चल रही हैं, जबकि यात्रियों की संख्या के अनुसार 250 बसों की जरूरत है। यानी अतिरिक्त 81 बसों की आवश्यकता है।
यात्री राजबीर, मनोज, राजेंद्र और रामकिशन ने बताया कि खनौरी-पातड़ा रूट पर छह बजे के बाद बस सेवा नहीं मिलती। उन्हें शाम को नरवाना रूट से खनौरी पहुंचना पड़ता है, जिससे किराया बढ़ जाता है और समय पर घर नहीं पहुंच पाते। कहा कि खनौरी जाने वाली बस का समय रात आठ बजे होना चाहिए।
यात्रियों मनेंद्र, सुरजीत सिंह और राजकुमार ने बताया कि टोहाना रूट पर भी शाम को बसें नहीं हैं। गढ़ी पाडला, सांघन, बरटा, धनौरी और धमतान साहिब के लोग इस कारण परेशान हैं। उन्होंने मांग की कि बसें रात आठ बजे तक चलाई जाएं, ताकि लोग आराम से घर पहुंच सकें।
यात्रियों को समय- समय पर बसें उपलब्ध करवाई जा रही है। किसी भी रूट पर यात्रियों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी। जहां बसों की कमी है वहां पर अतिरिक्त चलाई जाएगी। -विपुल कुमार, टीएम कैथल