संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए एसपी आस्था मोदी ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अब एक नया तरीका अपनाकर विदेशों में रह रहे रिश्तेदारों या जानकारों का सहारा लेकर लोगों से ठगी कर रहे हैं।
एसपी ने बताया कि वर्तमान में बहुत से युवा शिक्षा या रोजगार के सिलसिले में विदेशों में रह रहे हैं। अपराधी इसी बात का फायदा उठाते हैं और खुद को पीड़ित का रिश्तेदार या परिचित बताकर विदेश से कॉल करते हैं। वे कहते हैं कि उनके बच्चे का एक्सीडेंट हो गया है, कोई झगड़ा हो गया है या पुलिस ने किसी मामले में उसे पकड़ लिया है, और समझौते या कानूनी प्रक्रिया के लिए तुरंत रुपये भेजने की मांग करते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे में लोग घबरा जाते हैं और बिना पुष्टि के ही ठगों के बताए खातों में रुपये ट्रांसफर कर देते हैं। बाद में पता चलता है कि यह एक साइबर ठगी थी। एसपी ने कहा कि इसके अलावा, साइबर अपराधी कभी-कभी खुद को विदेश में रह रहे रिश्तेदार के रूप में प्रस्तुत करते हैं और कहते हैं कि उन्होंने आपके खाते में रुपये ट्रांसफर किए हैं, जिन्हें कोई एजेंट आकर आपसे ले जाएगा।
एसपी ने बताया कि साइबर अपराधी नकली बैंक रसीदें भी व्हाट्सएप के माध्यम से भेजते हैं और फिर एक लिंक पर क्लिक करने को कहते हैं। जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं, आपका बैंक खाता खाली हो सकता है। एसपी ने दोहराया कि तकनीकी युग में सतर्कता और सजगता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है।
ठगी से बचने के लिए एसपी की सलाह
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किसी भी अज्ञात कॉल या संदेश पर बिना पुष्टि के विश्वास न करें।
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किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
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किसी अज्ञात व्यक्ति से ओटीपी, बैंक डिटेल्स या जरूरी दस्तावेज साझा न करें।
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विदेश में रह रहे अपने वास्तविक रिश्तेदार या परिचित से स्वयं संपर्क कर पुष्टि करें।
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यदि आप इस प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत भारत सरकार द्वारा जारी साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।