संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की सहकारी चीनी मिल में पेराई सत्र का शुभारंभ 11 दिसंबर से औपचारिक रूप से होने जा रहा है। इसके चलते मिल परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और कर्मचारियों से लेकर प्रबंधन तक सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं।
गन्ना उत्पादन कैथल जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है और हर वर्ष लाखों क्विंटल गन्ना इस मिल में पहुंचता है। ऐसे में पेराई सत्र की शुरुआत न केवल किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि मिल में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी बेहद व्यस्त समय लेकर आती है।
गन्ना विभाग के मौसमी स्थायी कर्मचारियों को मंगलवार से कार्यभार संभालने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जबकि दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को 11 दिसंबर से कार्यग्रहण करने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। जैसे-जैसे पेराई सत्र की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे मिल में सफाई व्यवस्था, मशीनों की ऑयलिंग, मरम्मत और ट्रायल रन की प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है।
चीनी मिल का पेराई सत्र केवल मिल प्रबंधन के लिए ही नहीं, बल्कि जिले के हजारों गन्ना किसानों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। कई किसान महीनों से खेतों में तैयार खड़ी गन्ना फसल को मिल तक पहुंचाने की तैयारी में जुटे हुए हैं। इस वर्ष मौसम अनुकूल रहा है, जिससे गन्ने की उपज अच्छी रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
मिल प्रशासन की तैयारियां
मिल प्रशासन के अनुसार इस वर्ष पेराई सत्र को पहले से अधिक सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष ध्यान मशीनरी की दक्षता और सुरक्षा मानकों पर दिया जा रहा है। बॉयलर, क्रशिंग मशीन, कंडेंसर, टर्बाइन सहित सभी प्रमुख इकाइयों की मरम्मत और जांच पहले ही शुरू कर दी गई थी। वर्तमान में इन सभी मशीनों का परीक्षण अंतिम चरण में है।
मिल प्रबंधक रामपाल ने बताया कि 11 दिसंबर से पेराई सत्र विधिवत रूप से शुरू हो जाएगा और मिल को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
-रामपाल, मिल प्रबंधक