दीनबंधु सर छोटू राम एक जाति विशेष के नेता नही थे, बल्कि उन्होंने किसान, मजदूर के लिए संघर्ष करके व्यवस्था को सुधारने का प्रयास किया। गलत व्यवस्था को ठीक करके गरीब किसान के कल्याण के लिए हमेशा संघर्ष करके उनका सामाजिक, आर्थिक उत्थान किया। यह बात शनिवार को करनाल रोड बाईपास पर दीन बंधु सर छोटू राम की प्रतिमा का अनावरण कर कहीं। इसमें मुख्यातिथि के तौर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने प्रतिमा का अनावरण किया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि जीरों बजट की खेती अपनाएं किसान- राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि विभाग के वैज्ञानिकों से अनुरोध किया है कि वे ऐसी तकनीक ईजाद करें कि जिससे किसानों की आय अगले पांच वर्षों में दुगुणी हो। आचार्य देवव्रत ने कहा कि किसान इसके लिए देशी गाय के गोबर और खाद की जैविक खाद तैयार करके खेती में उपयोग करें तथा जीरो बजट की खेती को अपनाएं। केंद्रीय इस्पात मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह ने कहा कि दीन बंधु सर छोटू राम ने किसानों के लिए हमेशा ऐसी लड़ाई लड़ी, जो आज तक इतिहास में किसी ने नही लड़ी। उन्होंने गरीब किसानों को उनकी गिरवी रखी जमीन का मालिक बनाया। उन्हें अपने हकों के लिए संघर्ष करना सिखाया। मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्क ने कहा कि सर छोटू राम के संघर्ष के कारण ही हम आज किसान कहलवाने में गर्व महसूस करते हैं। दीन बंधु छोटू राम महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने किसानों के लिए संघर्ष किया। विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि सर छोटू राम 36 बिरादरी के नेता थे तथा किसानों और दलितों के मसीहा थे। इस मौके पर छोटू राम विचार मंच के प्रदेशाध्यक्ष चांद सिंह ,भाजपा नेता राव सुरेंद्र सिंह, रणधीर गोलन, प्रवीन किछाना, सुरेंद्र ढुल ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर जिला परिषद की चेयरमैन सुखविंद्र कौर, धर्मपाल, रतन, रणबीर फौजी, सुभाष और शकुंतला उपस्थित रहे।