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अधिकारी ज्ञापन नहीं लेने पहुंचे तो आंगनबाड़ी वर्करों ने लगाया जाम

Wed, 12 Apr 2017 12:01 AM IST
ब्यूरो कैथ्ाल
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राोड़ जाम करते वकऱ्र्कर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आंगनबाड़ी वर्करों द्वारा मंगलवार को किए गए प्रदर्शन के दौरान किसी भी अधिकारी द्वारा उनका ज्ञापन न लेने पर लघु सचिवालय के गेट को बंद कर दिया गया। और अपना कब्जा जमाकर उसके आगे बैठ गए। इस दौरान आंगनबाड़ी वर्करों ने विरोध स्वरूप करनाल रोड पर भी जाम लगाकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगी। यह जाम 30 मिनट तक लगा रहा। इससे राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान करीब आधे घंटे के बाद तहसीलदार ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे तो गेट खोला। आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की राज्य महासचिव शंकुतला शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं के उत्थान की बात की जाती है लेकिन जब विभागों में तैनात महिला कर्मचारी को पूरी सुविधाएं नहीं मिल पाती है। तो यह किस प्रकार का महिलाओं का उत्थान है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्करों के वेतन को बढ़ाने की बजाय उसे कम किया गया है। साथ ही उनके द्वारा जनवरी और फरवरी में किये गये सर्वे का अभी तक मेहनताना नहीं मिल पाया है। इससे वर्करों में गहरा रोष व्याप्त है। इस मौके पर सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव जरनैल सिंह, सत्यवान, ममता, सरोज, सुनीता, कमलेश, बबीता, मधु, सरोज, पूजा, अनिता, रुबी, निर्मला सहित अन्य आंगनबाड़ी वर्कर मौजूद रही।
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कोई भी अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे तो गेट पर जमाया कब्जा
मंगलवार को सुबह 11.30 बजे आंगनबाड़ी वर्कर प्रदर्शन करने के लिए जवाहर पार्क में इक्ट्ठी हुई। इसके बाद वह दोपहर 1.15 बजे के करीब पार्क से नारेबाजी करती हुई लघु सचिवालय में पहुंची। लघु सचिवालय में पहुंचने पर पुलिस के माध्यम से डीसी को ज्ञापन लेने आने के लिए 10 मिनट का अल्टीमेटम दिया। लेकिन डीसी के वहां न पहुंचने पर वे लघु सचिवालय के गेट बंद कर वहीं पर बैठ गई, इससे जाम लग गया। इसके बाद करीब आधे घंटे बाद तहसीलदार के वहां ज्ञापन लेने के लिए पहुंचे। उन्होंने आंगनबाड़ी वर्करों को 20 अप्रैल तक जिला स्तरीय मांगो को पर विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद उन्होंने जाम को खोला।
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