कैथल में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डा. गगनदीप कौर सिंह की अदालत ने मारपीट व एससीएसटी एक्ट में दोषी आठ दोषियों को एक-एक साल की सजा सुनाई है। साथ ही नौ-नौ हजार रुपये का जुर्माना किया है। रकम न देने पर 70 दिन की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
सरकारी अधिवक्ता जेडी गोयल ने बताया कि अदालत ने इस मामले में गांव बालू निवासी दोषी रमेश, जय भगवान, रणधीर, मोहनलाल, रणधीर, चरण सिंह, संजय उर्फ टाडी व राहुल को यह सजा सुनाई है। जबकि इसी केस में रामफल, संजू, प्रतीक व रामरत्न उर्फ भागी निवासी बालू पुलिस की जांच में निर्दोष पाए थे। इस बारे में गांव बालू निवासी संजीव ने थाना कलायत में तीन मई 2017 को धारा 148, 149, 323, 325, 506 आईपीसी और धारा 3 (2) एससी एसटी एक्ट के तहत केस नंबर 94 दर्ज करवाया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी कर रहे डीडीए जेबी गोयल ने पुलिस रिपोर्ट के हवाले से बताया कि संजीव एक मई 2017 को शाम के समय अपने घर के बाहर बैठा था। उस समय सरपंच रमेश कुमार अपनी गाड़ी में पांच से छह लड़के जयभगवान, धीरा, मोनू, धीरा, चरण सिंह, व टांडी निवासी बालू को लेकर मेन गली में बस्ती के सामने आया। उस समय बस्ती की काफी औरतें भी खड़ी थी। सरपंच रमेश कुमार संजीव को देखकर अशब्द बोलने लगा और जो आरटीआई संजीव द्वारा लगाई गई है उसे उठाने के लिए धमकी दी।
जब संजीव ने मना किया तो रमेश कुमार के साथ जयभगवान, धीरा, मोनू, चरण सिंह, व टान्डी ने उससे मारपीट की। उन्होंने गंडासी, रॉड, डंडे मारकर उन्हें घायल कर दिया। आरोप है कि संदीप वासी बालू, रमेश कुमार सरपंच, राहुल और रामफल तथा अन्य व्यक्ति निवासी बालू ने संजीव न उनकी औरतों के साथ अभद्र व्यवहार किया और गाली देकर जाति सूचक शब्द कहे।
आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। इस शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार किया व चालान अदालत में पेश किया। मामले में कुल 14 गवाह पेश किए गए। दोनोंं पक्षों को सुनने के बाद एडीजे डॉ. गगनदीप कौर सिंह ने रमेश, जय भगवान, रणधीर, मोहनलाल, रणधीर, चरण सिंह, संजय उर्फ टांडी व राहुल को दोषी पाया व अपने 46 पेज के फैसले में एक-एक साल कैद व नौ-नौ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।