हरियाणा के कैथल में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनदीप कौर की अदालत ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दोषी को 20 साल की कैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर आठ महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अदालत ने चार लाख रुपये मुआवजा डीएलएसए की मार्फत भी बच्ची को देने के आदेश दिए हैं।
इस बारे पीड़िता की मां ने महिला थाना में नौ जनवरी 2019 को पॉक्सो एक्ट की धारा व आईपीसी की धारा 376, 452 और 506 के तहत केस दर्ज करवाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी उप जिला न्यायवादी जय भगवान गोयल ने की। गोयल ने केस फाइल के हवाले से बताया कि घटना के समय शिकायतकर्ता की बेटी की आयु 14 वर्ष थी।
जसमेर उसकी बेटी का रास्ता अकसर रोकता था। महिला का आरोप था कि एक महीने पहले जसमेर ने उसके घर में घुस कर उसकी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया। जसमेर ने किसी को बताने पर बच्ची को जान से मारने की धमकी दी थी। पहले भी जसमेर ने जूस की एक दुकान पर ले जाकर शिकायतकर्ता की बेटी के साथ रेप किया था।
डर के मारे लड़की ने काफी दिन बाद उसे इस घटना के बारे में बताया। इस शिकायत पर महिला थाना ने केस दर्ज करके जसमेर को गिरफ्तार कर लिया व किशोरी का मेडिकल परीक्षण करवाया। पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश किया। एडीजे डॉ. गगनदीप कौर सिंह के न्यायालय ने दोनों पक्षों को गौर से सुना व जसमेर को दोषी करार दिया। अब न्यायालय ने 20 साल के कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।