चीका के एक मंदिर के पुजारी से किसी ने एटीएम नंबर पूछकर 22 हजार रुपये निकाल लिए। पंडित जी पुलिस के पास गए तो पुलिस ने जल्दी कार्रवाई का आश्वासन देकर वापिस लौटा दिया। तब से ही पैसे ठगने वाला शख्स कभी इस तो कभी उस नंबर से फोन करके पुजारी को जान से मारने की धमकियां दे रहा है लेकिन दो हफ्तों में पर्चा तक दर्ज करने में नाकाम रही पुलिस पुजारी को अपना फोन नंबर बदलने की सलाह दे रही है। पुलिस थाने के चक्कर काट काटकर आजिज आ चुके पंडित जी ने पूछा कि अगर सिर्फ एटीएम नंबर पूछकर ही लोग किसी दूसरे के पैसे अपने खाते में ट्रांसफर करने में सक्षम हों और पुलिस कोई कार्रवाई ही ना करती हो तो बताओ ऐसे कैसे कामयाब होगा मोदी जी का डिजिटल इंडिया अभियान।
गोशाला रोड पर स्थित प्राचीन काली माता मंदिर के पुजारी पंडित कृष्ण चंद को बीती 7 दिसंबर को एक गत 7 दिसंबर को फोन आया। फोन करने वाले ने अपने आपको बैंक अधिकारी बताते हुए उनसे पूछा कि उनके एटीएम का नंबर क्या है। तथाकथित बैंक अधिकारी ने यह भी कहा कि चूंकि बैंक ने एटीएम कार्ड सिस्टम में आई खराबियों को दूर करना है इसलिए नंबर बताना जरूरी है। पुजारी ने बताया कि वे कार्ड नंबर तो बता बैठे और उनके खाते में मौजूद 22 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए।
नहीं हुई सुनवाई
पुजारी कृष्ण चंद ने बताया कि पुलिस वालों ने उनकी शिकायत तो ले ली मगर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने बताया कि वे एसपी कैथल को भी गुहार लगाकर आए हैं लेकिन पैसे वापिस मिलना तो दूर अभी तक पुलिस ने पर्चा तक दर्ज नहीं किया। उल्टा ठग के फोन बार बार आने लगे कि अगर शिकायत लेकर पुलिस के पास गए तो जान से हाथ धो बैठोगे। पंडित जी ने बताया कि वे यह शिकायत लेकर भी पुलिस के पास गए थे कि उन्हें ठग जान से मारने की धमकियां दे रहा है लेकिन थाने में मौजूद पुलिस कर्मचारी ने सलाह दे डाली कि आप अपना नंबर बदल लो। जब ठग के पास आपका नंबर ही नहीं होगा तो धमकी कैसे देगा।
वहीं डीएसपी गुहला सुलतान सिंह ने कहा कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वे चीका थाना प्रभारी को बुलाकर सारे मसले की जानकारी लेंगे और आगे कार्रवाई जरूर की जाएगी।