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विदेश भेजने के नाम पर लाखों की धोखाधड़ी

Sun, 11 Sep 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो कैथल
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Fraud
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 विदेश भेजने के दो मामलों में 16 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले प्रकाश में आए हैं। चीका पुलिस और शहर पुलिस ने जांच के बाद सात के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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पहले मामले में चीका के गांव हरनौली निवासी कुलविंद्र सिंह ने बताया पास ही लगते पंजाब के गांव भूनरहेड़ी जिला पटियाला का मंगत सिंह व सुखविंद्र सिंह उसके घर पर दूध लेने के लिए आते थे। आरोपियों ने बताया कि वे युवकों को विदेश भेजने का काम करते हैं और काफी लोगों को विदेश भी भेज चुके हैं। उन्होंने विश्वास दिलवाने के लिए कई वीजे भी दिखाए और आठ लाख में कुलविंद्र सिंह व उसके परिवार को कनाडा भेजने की बात कही। आरोपियों के झांसे में आकर अगस्त 2015 में कुलविंद्र सिंह ने विदेश जाने के लिए पैसे दे दिए।
कुलविंद्र ने बताया कि वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कनाडा जाना चाहता था, लेकिन आरोपियों ने उसके पैसे हड़प लिए। जब उसे विदेश नहीं भेजा तो उसने आरोपियों से पैसे वापस मांगे। पैसे मांगने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। इस बारे में कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन पैसे नहीं मिले। सीएम विंडों पर दी गई शिकायत की जांच डीएसपी गुहला ने की तो प्राथमिक जांच में कुलविंद्र सिंह के आरोप सही मिले। जिसके आधार पर चीका थाने के तहत आने वाली हरनौली चौकी में पटियाला के भूनरहेड़ी निवासी मंगत सिंह, उसके भाई सुखविंद्र व मां कुलदीप कौर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एएसआई जयपाल मामले की जांच कर रहे हैं।
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विदेश भेजने के नाम पर ठगे 8 लाख 10 हजार
दूसरे मामले में सिरटा रोड कैथल निवासी निशान सिंह ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि उसकी शहर में ही एल्युमिनियम के खिड़की-दरवाजे बनाने की दुकान है। आरोप है कि जनवरी 2015 में उसके पास एक का व्यक्ति आया और खिड़की दरवाजे बनवाने के बात कही। इसके बाद आरोपी ने उसे अग्रवाल नाम के व्यक्ति के कार्यालय में खिड़की दरवाजों का ऑर्डर देने के लिए करनाल बुलाया। जब दुकानदार करनाल पहुंचा तो उसे कहा कि अभी बिल्डिंग का नक्शा नहीं बन पाया है। इस दौरान वहां पर अग्रवाल, बतरा, काका आदि एक व्यक्ति को विदेश भेजने की बात कर रहे थे। जेई काका ने दुकानदार निशान सिंह से कहा कि वह उसे भी विदेश भेज सकता है। इस काम के 12 लाख रुपये लगेंगे। जिसमें से छह लाख रुपये वीजा लगने से पहले देने होंगे। आरोपियों ने ऐसे प्रलोभन दिखाए कि दुकानदार विदेश जाने को तैयार हो गया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने आरोपियों को एक बार 50 हजार रुपये, फिर दो लाख रुपये और तीसरी बार में 60 हजार रुपये दिए। पैसे देने के बाद भी उसका वीजा नहीं आया तो वह आरोपियों से मिला। उन्होंने कहा कि वे इस बारे में विदेशी दूतावास में बात करते हैं। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि जल्द ही वीजा आ जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने पांच लाख रुपये और मांगे। विदेश जाने की चाहत में 25 मई 2015 को शिकायतकर्ता ने पांच लाख रुपये दे दिए। जब उसका काम नहीं बना तो वह जेई काका व अग्रवाल से मिलने करनाल पहुंचा, लेकिन वहां कोई कार्यालय नहीं था और भवन पर ताला जड़ा मिला। मोबाइल पर संपर्क किया तो मोबाइल भी बंद थे। बाद में पता चला कि वह भवन दिल्ली के एक व्यक्ति का है और कुछ समय पहले आरोपियों ने उसे किराये पर लिया था। शिकायतकर्ता ने जब आरोपियों के मोबाइल नंबरों की जांच करवाई तो मोबाइल नंबर दिल्ली के एक व्यक्ति के नाम पर थे। जिसका पहचान पत्र नौकरी देने के लिए साक्षात्कार के बहाने लिए गए। निशान सिंह का आरोप है कि अग्रवाल, बत्रा, नागपाल व जेई काका नाम के व्यक्तियों ने उससे धोखाधड़ी करके विदेश भेजने के नाम पर आठ लाख दस हजार रुपये हड़पे हैं। क्राइम ब्रांच तीन द्वारा की गई प्राथमिक जांच में निशान सिंह के आरोप सहीं मिले। जिसके आधार पर शहर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की जांच सब इंस्पेक्टर रामकुमार को सौंप दी है।
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