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चोरी करने के बाद गर रफ्तारी के डर से मोबाइल चोर नहीं छोड़ते थे कोई सुराग

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सीसीटीवी की डीवीआर तक करते थे चोरी ताकि नहीं लगे सुराग
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कैथल में हुई चोरी में सबूत छोड़े, सीसीटीवी की सहायता से अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ ट्रेसिंग के बाद किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नेपाल बार्डर पर स्थित बिहार के जिला घोड़ासन के चार सदस्यीय गिरोह बड़े ही शातिर तरीके का चोर गिरोह है। जिस कारण यह गिरोह काफी दूर के इलाकों में जा-जा कर रेकी करने के बाद ही चोरी करता था। एसपी वसीम अकरम ने बताया कि इस गिरोह की सबसे बड़ी खासियत यह भी थी कि गिरोह जहां भी चोरी करता था, वहां अपना कोई भी सबूत नहीं छोड़ता था। ये सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर तक निकाल लेते थे। लेकिन कैथल में इनकी पहली ऐसी चोरी रही जिसमें इनके हाथ डीवीआर नहीं लग पाई। जिससे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस का सबसे बड़े हथियार बने।
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एसपी ने बताया कि यह गिरोह छह जनवरी को अंबाला रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां से अगली सुबह बस से कैथल पहुंचा। सात जनवरी को इस गिरोह ने पूरा दिन शहर में बाजार की रेकी की। गिरोह ने अंबाला रोड स्थित मोबाइल दुकान को ही चोरी के लिए चुना। इस दौरान उन्होंने उसी दिन चालाकी से दुकान व शटर के मध्य ग्लास में लगने वाले लॉक में फेवीक्विक डाल दी, ताकी शीशे का लॉक न लग सके और वारदात के समय शीशा टूटने के कारण शोर शराबा न हो। इसके बाद सभी शातिर अंबाला चले गए। रात के समय अंबाला से कटर खरीदकर सभी आरोपी टैक्सी से कैथल आए, और बडे़ ही शातिराना तरीके से चादर की आड़ में शटर के लॉक काटकर दुकान में प्रवेश कर शटर बंद कर दिया। इस दौरान उनका सदस्य बाहर भी निगरानी करता रहा। गिरोह के सदस्यों द्वारा दुकान के अंदर सीसीटीवी डीवीआर चुराने का भी प्रयास किया गया, जिसमें वे नाकाम रहे। गिरफ्तार किया गया शातिर आरोपी इससे पूर्व केरला में मोबाइल शॉप से चोरी मामले में साढे़ 3 वर्ष की सजा काट चुका है, जबकि उसका पुत्र इसी प्रकार की चोरी मामले में राजस्थान के कोटा जेल में बंद है। एसपी ने शातिर इंटरस्टेट चोर गिरोह का भंडाफोड़ होने पर आसपास जिलों के चोरी मामलों का भी खुलासा होने की उम्मीद जताई है। एसपी ने दुकानदारों से अपील कि है कि वे अपने व्यवसायिक संस्थानों पर एंटी थेप्ट अलार्म व इंटरनेट कनेक्टेड सीसीटीवी कैमरों का उपयोग कर समय-समय पर संस्थानों की निगरानी रखें।
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