साइप्रस भेजने के नाम पर ठगे 8 लाख 50 हजार
नकली टिकट थमाकर भेज दिया एयरपोर्ट पर, सदमे से पिता की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। गांव सौंगल में दो युवकों को साइप्रस भेजने के नाम पर आठ लाख 50 हजार रुपये की ठगी का शिकार होना पड़ा। जब उन्हें विदेश नहीं भेजा गया और ना ही नकदी वापिस दी गई तो पुलिस की शरण लेनी पड़ी। पीड़ित के पिता की सदमे से मौके बावजूद आरोपियों ने नकदी नहीं लौटाई। पुलिस ने अब तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में सौंगल निवासी सुमित मलिक ने बताया कि वह व उसका चचेरा भाई अमित विदेश जाना चाहते थे। उनके मौसा ने अपनी रिश्तेदारी में उन्हें विदेश भेजने के लिए बात की। जहां जींद के गांव सिवाए निवासी सत्ता, रविंद्र निवासी गांव जुआं जिला सोनीपत व दीपक निवासी कालुपुर जिला सोनीपत ने दोनों को विदेश भेजने के लिए आश्वासन दिया और साइप्रस में सेटल करवाने के लिए नाम पर 8 लाख 50 हजार रुपये की मांग की। इसके बाद वे तीनों 24 जनवरी 2017 को उनके घर आए और उन्हें वहां 6 लाख रुपये की राशि ली। शेष ढाई लाख रुपये टिकट व अन्य कागजात का इंतजाम होने के बाद देने को कहा। 27 फरवरी को उन्होंने संदेश दिया कि वे 4 मार्च 2017 को दिल्ली एयरपोर्ट पर मिले। वे वहां गए तो आरोपी सत्ता, रविंद्र व दीपक उन्हें वहीं मिले और ढाई लाख रुपये की राशि लेकर वर्क विजा, ऑफर लेटर, एयर टिकट सहित अन्य कागजात दे दिए। इसके बाद जब वे अंदर गए तो उन्हें बताया गया कि ये टिकट तो नकली हैं। उन्हें वहां से बाहर निकाल दिया। इसके बाद वे आरोपियों के घर पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें दो माह में रुपये वापस करने की बात कही। इसके बावजूद जब नकदी नहीं दी तो फिर से उन्हें टोका। पंचायत में आरोपियों ने 2 माह का समय देने की बात कही। 11 जुलाई 2017 को हुई पंचायत में आरोपियों ने नकदी देने से इंकार कर दिया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। सितंबर 2017 में उसके पिता की सदमे के कारण मौत हो गई। इसके बावजूद आरोपियों ने कोई नकदी नहीं दी। बाद में एसपी कार्यालय में शिकायत देनी पड़ी। शिकायतकर्ता ने कहा कि उसके पास आरोपियों द्वारा देनदारी स्वीकारते हुए रिकॉर्डिंग भी है। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।