इंग्लैंड भिजवाने के नाम पर फर्जी पत्र थमाकर एक ही परिवार के चार लोगों ने एक व्यक्ति से 28 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने गांव शिमला निवासी सुरेंद्र की शिकायत पर एक ही परिवार के चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
कलायत पुलिस को दी शिकायत में सुरेंद्र ने बताया कि वह खेतीबाड़ी का काम करता है। उसके दो लड़के हैं। उसके लड़के करण ने ग्लोबल ओवरसीज इंस्टीट्यूट कलायत से पीटीई की थी। इसी आधार पर उसका लड़का पढ़ने के लिए इंग्लैंड जाना चाहता था। शिकायतकर्ता ने बताया कि खुराना के रामनिवास की पत्नी बाला उसके बेटे विक्रम के साथ मायके में आई हुई थी।
पड़ोस में होने के चलते उसका लड़का विदेश जाने के लिए बाला से मिला। बाला ने बताया कि उसका लड़का विक्रम भी विदेश भिजवाने का काम करता है। उसके लड़के करण ने विक्रम से बातचीत की तो विक्रम ने उसे इंग्लैंड भेजने का आश्वासन दिया।
आरोपी ने उसे बताया कि वह भी न्यूजीलैंड रह कर आया है बाद में उसने बाला के दूसरे लड़के पवन और उसके पति रामनिवास से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे करण को विदेश भिजवा कर वहां पर सेटल करवा देंगे। इसके लिए 28 लाख में सौदा तय हो गया। 18 मार्च को सभी आरोपियों ने कर्ण से उसका पासपोर्ट, कुछ जरूरी कागजात व एक लाख की राशि ले ली और कहा कि वे जल्द ही उसका फाइल लगवा देंगे।
यह भी पढ़ें : कैथल में हैवानियत: सात साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद हत्या, पेट्रोल डालकर जलाया शव, पड़ोसी ने ही की वारदात
10 दिन के बाद विक्रम का फोन आया कि फाइल लग गई है। पैसों का प्रबंध कर लें। उसने रिश्तेदारों से पैसे लेते हुए आरोपियों को 28 लाख की राशि दे दी। बाद में जब उन्होंने जांच की तो पाया कि आरोपी ने जो पत्र उन्हें दिया गया था वह फर्जी था। आरोपियों ने उसके लड़के की न्यूजीलैंड या यूके के लिए कोई फाइल नहीं लगाई थी।
इस बारे में जब विक्रम ने आरोपी के माता-पिता से बात की तो उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। बाद में बात होने पर कहा कि वे उसकी राशि ब्याज सहित लौटा देंगे। 28 जून 2022 को आरोपियों ने उन्हें 12 लाख का चेक दिया। तीन अगस्त को उन्होंने चेक भुगतान के लिए लगाया तो वह बाउंस हो गया।
बाद में आरोपियों ने कहा कि अगर और पैसों की मांग की है उसे जान से मार देंगे। एसएचओ बलदेव ने बताया कि पुलिस ने सुरेंद्र की शिकायत पर विक्रम, पवन, उनके पिता रामनिवास और मां बाला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।