मार्केट कमेटी कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब मार्केटिंग बोर्ड हरियाणा के मुख्य प्रशासक विनोद कुमार यादव ने खरीद प्रक्रिया में मिल रही गड़बड़ी की शिकायतों के बाद छापा मारा। भारतीय किसान यूनियन चमकौर सिंह व हरदीप सिंह के नेतृत्व में अपनी समस्याओं को लेकर मार्केट कमेटी कार्यालय में नारेबाजी करती हुई पहुंचीं और किसान नेताओं ने मार्केटिंग बोर्ड के सीए से बातचीत कर अपनी समस्याएं रखीं। बताया जा रहा है कि गड़बड़ियों पर कई कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
किसान नेता हरदीप बदसूई, चमकौर सिंह, गुरमीत सिंह, कुलविंद्र , सुभाष पूनिया सहित सहित किसानों ने सीए के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। जिसमें कहा कि सीमावर्ती किसान पंजीकरण न होने की वजह से अपना धान बेचने से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि जब किसान 30 वर्षों से अपनी फसल चीका अनाज मंडी में बेच रहे है, बेशक उनकी जमीनें पंजाब राज्य में है, लेकिन उनका पंजीकरण होना जरूरी कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब वे हर तरह का लेनदेन चीका अनाज मंडी से कर रहे हैं, तो उनकी फसल भी चीका में बिकनी चाहिए। सीए ने कहा कि किसानों की जो भी समस्याएं हैं, उन्हें सरकार के समक्ष रखा जाएगा और उसके बाद ही समस्याओं का हल होने बारे कुछ कहा जा सकता है। किसानों ने कुछ देर मार्केट कमेटी कार्यालय पर सरकार के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन भी किया और कहा कि मंडी में धान का उठान न होने की वजह से किसानों को अपनी फसल गिराने में भारी दिक्कत पेश आ रही है।
मार्केटिंग बोर्ड के सीए विनय यादव ने बताया कि किसानों को पंजीकरण के मामले में या अपनी धान बेचने में किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि रही बात सीमावर्ती किसानों के पंजीकरण की उस बारे भी सरकार से बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों का जो धान मंडी से बाहर पड़ा है, उसमें में भी कोई दिक्कत नहीं होगी लेकिन यदि मंडी में धान गिराने के लिए जगह बन जाती है तो प्रत्येक किसान का धान मंडी से बाहर नहीं मंडी में गिराया जाएगा। मार्केट कमेटी कार्यालय में हर कार्य पारदर्शिता से होगा। यह उनका औचक निरीक्षण था ताकि अधिकारी व कर्मचारियों के कार्य में कोई दिक्कत न हो। उन्हें गेट पास गया टोल में गड़बड़ी के मामलों में कई शिकायतें मिली थी, जिसके आधार पर यहां सारे रिकॉर्ड को खंगाला गया है। जो भी अनियमितता पाई जाएगी, उसी अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। राइस मिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के चावल के स्टॉक के सवाल पर उन्होंने कहा कि संबंधित मिलों की फिजिकल वेरिफिकेशन करवाई जाएगी।